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कोलकाता19 मिनट पहले
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पश्चिम बंगाल की 254 विधानसभा सीटों में से 142 सीटों पर बुधवार को वोटिंग हुई। चुनाव आयोग के मुताबिक, सेकेंड फेज में 92.32% वोटिंग हुई। बंगाल में दो फेज में चुनाव हुए। पहले फेज की 152 सीटों पर 23 अप्रैल को रिकॉर्ड 93% मतदान हुआ था। दोनों फेज को मिलाकर 92.75% वोटिंग हुई है।
यह बंगाल के इतिहास में अब तक की सबसे ज्यादा वोटिंग है। इससे पहले बंगाल में 2011 में 84.72% मतदान दर्ज किया गया था। बंगाल के अलावा तमिलनाडु में 23 अप्रैल, केरलम, असम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। पांचों राज्यों में केरलम में सबसे कम 78.03% वोटिंग हुई। 4 मई को सभी राज्यों के रिजल्ट आएंगे।

बंगाल में सेकेंड फेज की वोटिंग के दौरान हिंसा-लाठीचार्ज; 7 घटनाएं…
- EVM में BJP के बटन पर टेप लगाया: भाजपा ने आरोप लगाया कि डायमंड हार्बर के फालता में EVM में BJP का बटन टेप लगाकर ब्लॉक किया गया। चुनाव आयोग ने कहा कि जहां भी शिकायतें सही मिलीं, वहां दोबारा चुनाव होंगे। पानीहाटी में EVM पर BJP के बटन पर इंक का दाग होने की शिकायत सामने आई। उसे सैनिटाइजर से साफ किया गया।

भाजपा ने फालता में EVM मशीन का वीडियो जारी किया, जिसमें BJP का बटन टेप से ब्लॉक दिखा।
- सुवेंदु के खिलाफ ‘गो बैक’ और ‘चोर-चोर’ के नारे: भवानीपुर में ममता के खिलाफ चुनाव लड़ रहे भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी को घेरकर TMC समर्थकों ने चोर-चोर के नारे लगाए। सुवेंदु एक पोलिंग बूथ का इंस्पेक्शन करने पहुंचे थे। सुवेंदु ममता के आवास से करीब 100 मीटर दूर सड़क से गुजर रहे थे, तब लोगों ने ‘गो बैक’ के नारे लगाए।

सुवेंदु ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाकर TMC समर्थकों को जवाब दिया।
- हावड़ा में वोट डालने आए बुजुर्ग की मौत: हावड़ा के उदयनारायणपुर में वोट डालने आए एक बुजुर्ग की मौत हो गई। TMC ने दावा किया कि बुजुर्ग अपने बेटे के साथ वोट डालने गए थे। केंद्रीय बलों ने उन्हें धक्का दिया और मारपीट की।

बुजुर्ग को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
- हावड़ा में वोटरों पर लाठीचार्ज: हावड़ा के बाली विधानसभा क्षेत्र के लिलुआ में बूथ नंबर 151, 152 और 153 पर केंद्रीय बलों ने वोटरों पर लाठीचार्ज किया। आरोप है कि EVM मशीनों में खराबी के कारण वोटर लंबे समय तक लाइन में खड़े थे। बाद में उन्होंने हंगामा किया तो उनपर लाठीचार्ज हुआ।

केंद्रीय बलों ने वोटरों पर लाठीचार्ज किया। कुछ को हिरासत में भी लिया।
- साउथ 24 परगना में सुरक्षाबलों-वोटरों के बीच धक्का-मुक्की: साउथ 24 परगना के कैनिंग में TMC ने आरोप लगाया कि एक बूथ पर पोलिंग एजेंट को CRPF कर्मियों ने पीटा और बूथ से बाहर घसीट दिया। बूथ से आई तस्वीरों में महिलाएं सहित कई लोग सुरक्षाबलों से धक्का-मुक्की करते दिखे।

साउथ 24 परगना के कैनिंग में बूथ नंबर 113 पर सुरक्षाबलों और वोटरों के बीच धक्का-मुक्की हुई।
- हावड़ा में EVM में गड़बड़ी के बाद हंगामा: हावड़ा के बाली में EVM में गड़बड़ी की बात को लेकर हंगामा हो गया है। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे 2 लोगों को CRPF ने हिरासत में लिया।

CRPF और पुलिस के जवान लोगों के हाथ और पैर से पकड़कर उठा ले गए।
- TMC-भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प: नॉर्थ 24 परगना के अरविंद रैली में TMC और भाजपा कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प हुई। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को दौड़ा-दौड़ाकर मुक्के, लाठियों से हमले किए।

सुरक्षाबलों की मौजूदगी के बावजूद TMC-भाजपा कार्यकर्ता मारपीट करते दिखे।
पश्चिम बंगाल में पहली बार 90% से ज्यादा वोटिंग

बंगाल में वोट प्रतिशत बढ़ने की 4 वजहें…
- SIR का असर: राज्य में 91 लाख से ज्यादा नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जिससे कुल वोटरों की संख्या घटी। लेकिन दिलचस्प यह है कि 2024 लोकसभा चुनाव में इन्हीं 152 सीटों पर मतदान करीब 80% और 2021 विधानसभा चुनाव में 82.17% रहा था। यानी मतदाता कम हुए, पर वोट डालने वालों की संख्या लगभग उतनी ही या उससे ज्यादा रही, जिससे प्रतिशत अपने आप बढ़ गया।
- एंटी इनकंबेंसी और ध्रुवीकरण: राज्य में पिछले 15 साल से TMC की सरकार है। ऐसे में नेताओं के खिलाफ नाराजगी, रोजगार, भ्रष्टाचार और घुसपैठियों को बढ़ावा देने जैसे मुद्दे मतदाताओं को ज्यादा संख्या में बाहर लाए। वहीं, मुस्लिम बहुल और सीमावर्ती इलाकों में SIR और NRC के डर ने भी मतदान को प्रभावित किया। दूसरी तरफ, तेज ध्रुवीकरण के चलते हिंदू वोटरों की भागीदारी भी बढ़ी मानी जा रही है।
- प्रवासी कामगारों की वापसी: इस बार बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर सिर्फ वोट डालने के लिए दूसरे राज्यों से बंगाल लौटे। उन्हें लगा कि अगर इस बार मतदान नहीं किया, तो उनका अधिकार छिन सकता है। TMC ने आरोप लगाया कि भाजपा ट्रेनों में भर-भरकर लोगों को वोटिंग के लिए ला रही है, जिससे यह मुद्दा और चर्चा में रहा।
- निर्वाचन आयोग की सख्ती: चुनाव आयोग की कड़ी निगरानी और 2.40 लाख केंद्रीय बलों की तैनाती ने माहौल बदला। सुरक्षा बढ़ने से मतदाताओं में भरोसा आया और उन्होंने बिना डर के मतदान किया, जिसका असर सीधे वोटिंग प्रतिशत पर दिखा।
बाकी 4 राज्यों में कितनी वोटिंग हुई, सिलसिलेवार पढ़िए…
तमिलनाडु में रिकॉर्ड 85.14% वोटिंग : तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर 23 अप्रैल को रिकॉर्ड 85.14% वोटिंग हुई। 1967 से अब तक राज्य में कभी इतनी वोटिंग नहीं हुई। सबसे ज्यादा मतदान 2011 में 78.29% था।

असम के 26 से ज्यादा जिलों में 80% से ऊपर वोटिंग : असम में 9 अप्रैल को 126 सीटों पर रिकॉर्ड 85.91% वोटिंग हुई। 35 जिलों में से 26 से ज्यादा जिलों में 80% से ऊपर वोटिंग हुई। सबसे ज्यादा 95.56% मतदान साउथ सलमारा मनकचर जिले में हुआ। सबसे कम 75.25% वोटिंग वेस्ट कार्बी आंगलॉन्ग में हुई।

केरलम के कोझिकोड में सबसे ज्यादा 81.32% वोटिंग : केरलम में 140 विधानसभा सीटों 78.27% वोटिंग हुई। 14 जिले में से दो जिलों में 80% से ऊपर मतदान हुआ। 10 जिलों में 70% से ज्यादा वोटिंग हुई है। केरलम में 2.71 करोड़ वोटर 890 उम्मीदवारों में से अपना नेता चुन रहे हैं।

पुडुचेरी में रिकॉर्ड करीब 89.87% वोटिंग : पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीटों में कुल 10 लाख मतदाता हैं। यहां 89.87% वोटिंग हुई। केंद्र शासित प्रदेश में कुल दो जिले हैं। सबसे ज्यादा 90.47% मतदान पुडुचेरी जिले में हुआ। वहीं कराईकल में 86.77% वोटिंग हुई। पुडुचेरी के इतिहास में पहली बार इतनी वोटिंग हुई है।

5 राज्यों में चुनाव से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…
बंगाल के 7 एग्जिट पोल में से 5 में भाजपा सरकार: असम में BJP, तमिलनाडु में DMK की वापसी; केरल में UDF सरकार का अनुमान

पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरलम, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल बुधवार शाम को जारी हुए। पश्चिम बंगाल के 7 एग्जिट पोल में से 5 में भाजपा, 2 में TMC सरकार का अनुमान है। तमिलनाडु के 9 एग्जिट पोल में 6 में DMK+ की वापसी की संभावना जताई गई है। पूरी खबर पढ़ें…
