![]()
फर्रुखाबाद में भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभाकांत मिश्रा ने आरोप लगाया है कि उन्हें मंगलवार शाम से उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया है। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सात सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन देने के लिए हरदोई जाने की तैयारी में थे। प्रधानमंत्री हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का शुभारंभ करने पहुंचे हैं। प्रभाकांत मिश्रा ने बताया कि उनके घर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अन्य पदाधिकारियों को भी अलग-अलग स्थानों पर नजरबंद किया गया है, ताकि वे हरदोई न जा सकें। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मिश्रा ने बताया कि वे प्रधानमंत्री को किसानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराना चाहते थे। उनके ज्ञापन में मुख्य रूप से सात प्रमुख मांगें शामिल थीं। पहली मांग नगर पंचायत खीमसेपुर के माजरा नंद गांव से संबंधित है। यहां आबादी क्षेत्र में लिंक एक्सप्रेसवे का कट बनाया जा रहा है, जिससे कई लोगों के मकान प्रभावित हो रहे हैं। किसान यूनियन की मांग है कि इस कट को आबादी क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित किया जाए। सर्किल रेट को बराबर करने की मांग दूसरी मांग कृषि भूमि के सर्किल रेट से जुड़ी है। नगर पंचायत मोहम्मदाबाद में कृषि के सर्किल रेट अधिक हैं, जबकि नगर पंचायत खीमसेपुर में ये कम हैं। इस असमानता के कारण खीमसेपुर के किसानों को नुकसान हो रहा है। यूनियन ने सर्किल रेट को बराबर करने की मांग की है। तीसरी प्रमुख मांग आलू किसानों के लिए है। जनपद में आलू का अधिक उत्पादन होता है, लेकिन किसानों को इसका उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। यूनियन ने फर्रुखाबाद के आलू को बाहर भेजने की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि किसानों को बेहतर दाम मिल सकें। प्रभाकांत मिश्रा ने कहा कि नजरबंद किए जाने के बावजूद वे ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने लिंक एक्सप्रेसवे और सर्किल रेट से संबंधित मुद्दों पर प्रधानमंत्री से सीधे बात करने की इच्छा व्यक्त की थी। इस दौरान बड़ी संख्या में पदाधिकारी भी मौजूद रहे। वहीं घर के बाहर कादरी गेट थानाध्यक्ष सहित अन्य पुलिस बल भी मौजूद रहा।
Source link
किसान यूनियन के उपाध्यक्ष को नजरबंद किया:किसानों की समस्याओं को लेकर हरदोई में प्रधानमंत्री से मिलना चाहते थे