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इटावा में कचहरी परिसर में गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर लोगों ने आवाज उठाई। इस दौरान प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल और जिलाधिकारी के नाम नगर मजिस्ट्रेट को पांच अलग-अलग ज्ञापन सौंपे गए। अभियान का उद्देश्य संविधान के दायरे में रहकर अहिंसक तरीके से देशी गोवंश को राष्ट्रीय सम्मान दिलाना बताया गया। कचहरी में दिखा उत्साह, कई ज्ञापन सौंपे गए सोमवार को कचहरी परिसर में इस अभियान के दौरान लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। विभिन्न माध्यमों से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने के लिए प्रतिनिधियों ने नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिए। सभी ज्ञापनों में एक ही प्रमुख मांग रखी गई कि गौवंश को देश में सर्वोच्च सम्मान दिया जाए और उसके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और कानून बनाने की मांग ज्ञापन में मांग की गई कि देशभर में गोहत्या पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए और इसे जड़ से खत्म किया जाए। साथ ही गौ माता को ‘राष्ट्र माता’, ‘राष्ट्र देव’ या ‘राष्ट्रीय धरोहर’ का दर्जा देने की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने गौ सेवा के लिए मजबूत केंद्रीय कानून बनाने और अलग से केंद्रीय गौ सेवा मंत्रालय गठित करने की आवश्यकता भी बताई। संगठन के कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे इस मौके पर गोचर बोर्ड की स्थापना, चारा सुरक्षा नीति लागू करने और गौ आधारित कृषि को बढ़ावा देने की बात भी प्रमुख रूप से रखी गई। कार्यक्रम में समाज के कई लोगों ने भाग लिया, जिनमें शिवा ठाकुर, मयंक बिधौलिया, उर्मिला भदोरिया, आर्यन कुमार, आयुष सिंह, सूरज सिंह सूर्या, जितेंद्र गॉड, सूर्यांश शंकर दीक्षित, पुनीत पाठक, सूर्यांश दीक्षित और एडवोकेट विकास रावत सहित अन्य लोग शामिल रहे।
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गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग:इटावा में कचहरी में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपे गए