BJP जॉइन करने के बाद राघव चड्ढा का ये पहला वीडियो है, जिसमें उन्होंने AAP छोड़ने और भाजपा जॉइन करने के बारे में बताया।
आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़ BJP जॉइन करने के बाद राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पहला वीडियो जारी किया। राघव चड्ढा ने कहा कि AAP में टॉक्सिक वर्क एन्वॉयरमेंट हो गया था। काम करने-बोलने से रोका जा रहा था। यह पार्टी अब चंद करप्ट और कॉम्प्रोमाइज लोगों के हाथ
.
राघव ने कहा कि मैं गलत हो सकता हूं लेकिन कुल 7 सांसदों ने पार्टी छोड़ी तो क्या सारे गलत हो गए। इससे पहले भी जिन लोगों ने पार्टी छोड़ी, क्या वह भी गलत हो गए। मैं पार्टी का फाउंडर मेंबर रहा। जिस मकसद से यह पार्टी बनी थी, अब ये वह पार्टी नहीं रही। मेरे पास 3 ऑप्शन थे, मैंने पार्टी छोड़ना ही उचित समझा।
राघव चड्ढा की अहम बातें
- लोग BJP जॉइनिंग का रीजन जानना चाह रहे: राघव ने कहा- BJP जॉइन करने के बाद दोस्तों, आप लोगों के बहुत से मैसेज आ रहे हैं। कुछ लोग मुझे शुभकामनाएं दे रहे हैं, जबकि कुछ लोग मेरे इस फैसले के पीछे के रीजन जानने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए यह वीडियो बनाया है। यह उन लोगों के लिए भी है, जिन्होंने मेरी पीसी नहीं देखी, उन्हें भी इससे जवाब मिल जाएगा।
- 15 साल AAP को दिए लेकिन ये वह पार्टी नहीं रही: राघव ने कहा- राजनीति में आने से पहले मैं प्रैक्टिसिंग चार्टेर्ड अकाउंटेंट था। मेरे सामने एक बेहतरीन करियर था। मगर, मैं उस करियर को छोड़कर राजनीति में आया। अपने करियर को बनाने के लिए राजनीति में नहीं आया और एक राजनीतिक पार्टी का फाउंडिंग मेंबर बना। उस पार्टी को अपने प्राइम यूथ के 15 साल दिए। अपने खून-पसीने से इस पार्टी को सींचा। लेकिन आज यह पार्टी वह पुरानी वाली पार्टी नहीं रही है।
- टॉक्सिक वर्क एनवायरनमेंट हो गया था: राघव ने कहा- इस पार्टी में आज एक टॉक्सिक (जहरीला) वर्क एनवायरनमेंट है। आपको काम करने से रोका जाता है, संसद में बोलने से रोका जाता है। यह राजनीतिक पार्टी चंद करप्ट व कॉम्प्रोमाइज लोगों के हाथ में फंसकर रह गई है, जो अब देश के लिए नहीं, अपनी पर्सनल फायदे के लिए काम करते हैं। पिछले कुछ सालों से मैं यह फील कर रहा था। लेकिन शायद मैं सही आदमी गलत पार्टी में था। इसी के चलते मेरे सामने तीन ऑप्शन थे।
- 7 आदमी गलत नहीं हो सकते: राघव ने कहा- पहला ऑप्शन था कि मैं राजनीति छोड़ दूं। दूसरा, मैं इसी पार्टी में रहूं और चीजें ठीक करने की कोशिश करूं, जो कि हुआ नहीं है। तीसरा, मैं अपनी एनर्जी और एक्सपीरियंस लेकर पॉजिटिव राजनीति करूं। एक अन्य राजनीतिक पार्टी के साथ जुड़कर सकारात्मक राजनीति करूं। इसलिए मैं अकेला नहीं हूं। मेरे साथ एक नहीं, दो नहीं, बल्कि चार नहीं, बल्कि सात सांसदों ने यह फैसला लिया है कि हम इस राजनीतिक पार्टी से रिश्ता तोड़ते हैं। एक आदमी गलत हो सकता है, दो आदमी गलत हो सकते हैं, लेकिन सात आदमी गलत नहीं हो सकते हैं।
- ऑफिस का माहौल टॉक्सिक हो तो कितना काम कर पाएंगे: राघव ने कहा- वह अनगिनत लोग, और जो एजुकेटेड लोग इस पार्टी के साथ जुड़े थे, लेकिन पार्टी को छोड़कर चले गए । क्या वह सारे गलत हो सकते हैं? आप ऐसे समझिए, जितने ऑफिस जाने वाले लोग हैं, यदि आपका वर्कप्लेस टॉक्सिक बन जाए तो आप कितना काम कर पाएंगे? आपको काम करने से रोका जाए, आपकी मेहनत को दबाया जाए, आपको चुप करवाया जाए, तो क्या करेंगे? उस स्थिति में सही फैसला यही है कि आप उस वर्कप्लेस को छोड़ दें। शायद हमने भी वही किया।
- पूरे जोश से लोगों के मुद्दे उठाता रहूंगा: राघव ने कहा- आप लोगों में कुछ ने यह भी पूछा कि क्या मैं पहले की तरह आपके मुद्दे उठाता रहूंगा या बंद कर दूंगा। मैं विश्वास दिलाता हूं कि आपकी प्रॉब्लम को और एनर्जी के साथ, और जोश के साथ उठाऊंगा। अब उन समस्याओं के सॉल्यूशन को भी तलाश पाएंगे।
AAP सरकार ने हटाई तो केंद्र ने 3 सांसदों को दी सिक्योरिटी
आम आदमी पार्टी (AAP) के 7 सांसदों के पार्टी छोड़ने वाले तीसरे सांसद अशोक मित्तल को केंद्र सरकार ने Y सिक्योरिटी दी है। इससे पहले 26 अप्रैल को पंजाब की AAP सरकार ने पूर्व क्रिकेटर व पार्टी छोड़ने वाले राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह भज्जी की Y कैटेगरी सिक्योरिटी हटा ली थी। उनके जालंधर स्थित घर पर तैनात पंजाब पुलिस के जवानों को तुरंत वापस बुला लिया गया है। इसके तुरंत बाद ही केंद्र सरकार ने भज्जी को CRPF की सिक्योरिटी दे दी। उनके घर के बाहर ये जवान तैनात कर दिए गए हैं।
हालांकि भज्जी ने अभी AAP छोड़ने या BJP जॉइन करने को लेकर कुछ नहीं कहा लेकिन राघव चड्ढा ने उनके भी साथ में होने का दावा किया था। भज्जी से पहले AAP सरकार ने राघव चड्ढा की भी Z+ सिक्योरिटी वापस ली थी। इसके बाद उन्हें केंद्र की तरफ से यही सिक्योरिटी मिल गई।
इसी बीच AAP छोड़ने वाले दूसरे राज्यसभा सांसद विक्रमजीत साहनी ने दावा किया कि AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने उनसे इस्तीफा मांगा था। मेरा मन भी बन गया था लेकिन फिर सलाहकारों ने रोक दिया। साहनी ने कहा कि पंजाब इस वक्त ICU में है। उसे बचाने के लिए स्ट्रॉन्ग सेंट्रल सपोर्ट या केंद्र सरकार के सहयोग की जरूरत है।

कांग्रेस नेता बोले- 65-66 AAP विधायक पलटी मारेंगे
कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि जो गांव के सरपंच नहीं बन सकते थे, वे MLA बन गए थे। जिन्हें पूरी उम्र सिपाही ने भी सैल्यूट नहीं मारा, अब उन्हें DGP सैल्यूट मारता है। 10 में से 7 एमपी AAP को छोड़कर भाजपा में चले गए हैं, अब 65-66 विधायक पलटी मारने की तैयारी में है।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र का जहाज आकर मोहाली में उतरने वाला है। यह भगवंत मान हैं, जो यहां के एकनाथ शिंदे हैं। यह जहाज में चढ़ने वाली पहली सवारी होंगे। जो यह कहता है कि सारे एमएलए लेकर राष्ट्रपति से मिलने जाना है, मुझे डर लगता है कि यह सारे वहीं पर छोड़ आएगा।
जानिए, 7 सांसदों के AAP छोड़ने के मामले में अब तक क्या-क्या हुआ..
24 अप्रैल- शाम 4 बजे राघव चड्ढा ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि AAP के 10 में से 7 राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं। इसी दिन शाम को राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भाजपा जॉइन कर ली। राघव ने कहा कि कुल 7 सांसद उनके साथ हैं। बाकी 4 सांसद सामने नहीं आए। स्वाति मालीवाल ने कहा कि वह इटानगर में हैं और बाद में प्रतिक्रिया देंगी।
25 अप्रैल- सुबह भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए 7 सांसदों पर टिप्पणी की, जिससे सियासी माहौल और गरम हो गया। उन्होंने लिखा- अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी पाउडर, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया, ये 7 चीजें मिलकर सब्जियां स्वादिष्ट बनाती हैं, लेकिन इनकी सब्जी नहीं बन सकती।
25 अप्रैल- AAP के हरपाल चीमा ने कहा कि सिर्फ 3 सांसद ही BJP में गए हैं और बाकी के साइन फर्जी हैं। चीमा ने कहा- रजिंदर गुप्ता विदेश में अपनी बाइपास सर्जरी करवाने गए हैं। इनके हस्ताक्षर सिर्फ सात मेंबर दिखाने के लिए किया गया है। 7 मेंबर एक साथ जाने चाहिए थे, तब कानून से बच सकते थे। इनके पास 18 महीने का ही टाइम बचा है। चीमा ने कहा कि हरभजन सिंह को इसलिए आगे लेकर आए थे कि वो युवाओं को रास्ता दिखाएगा, लेकिन वो गद्दार बनकर भाग गया। उसे डर है कि बीजेपी उसकी कमेंट्री बंद करवा देगी।
25 अप्रैल- पंजाब के CM भगवंत मान ने 7 AAP सांसदों के पार्टी छोड़ने को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात का टाइम मांगा। पंजाब सीएम ऑफिस से जुड़े सोर्सेज के मुताबिक सीएम मान पंजाब के सभी विधायकों को लेकर दिल्ली जाकर राष्ट्रपति से मिलना चाहते हैं। वह पार्टी बदलने वाले 7 सांसदों के राइट टू रिकॉल की मांग करेंगे और इस पर अपना पक्ष रखेंगे। इसके अलावा AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह उपराष्ट्रपति से मिलेंगे। जहां वे पार्टी छोड़ने वाले सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग करेंगे।
25 अप्रैल- एक न्यूज चैनल ने सोर्सेज के हवाले से दावा किया कि पार्टी छोड़ने से पहले 3 सांसद AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल से मिले थे। इनमें अशोक मित्तल 19 अप्रैल, विक्रमजीत साहनी 22 अप्रैल और संदीप पाठक ने 23 अप्रैल को ही केजरीवाल से मुलाकात की थी। मित्तल ने तो 23 अप्रैल को केजरीवाल से बात भी की थी।
25 अप्रैल- (AAP) छोड़ने वाले 7 में से 3 राज्यसभा सांसदों हरभजन सिंह भज्जी, राजिंदर गुप्ता और LPU के संस्थापक अशोक मित्तल के खिलाफ AAP के वर्करों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने जालंधर में भज्जी और लुधियाना में ट्राइडेंट ग्रुप के मालिक राजिंदर गुप्ता के घर के बाहर गद्दार लिख दिया। फगवाड़ा में सांसद अशोक मित्तल की यूनिवर्सिटी LPU के गेट पर भी ‘पंजाब का गद्दार’ लिख दिया गया। इस दौरान पुलिस वहां मौजूद रही लेकिन उन्होंने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोई खास कोशिश नहीं की।
26 अप्रैल- AAP छोड़ने वाले राज्यसभा सांसद विक्रमजीत साहनी ने दावा किया कि AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने उनसे इस्तीफा मांगा था। मेरा मन भी बन गया था लेकिन फिर सलाहकारों ने रोक दिया। साहनी ने कहा कि पंजाब इस वक्त ICU में है। उसे बचाने के लिए स्ट्रॉन्ग सेंट्रल सपोर्ट या केंद्र सरकार के सहयोग की जरूरत है।
26 अप्रैल- AAP न छोड़ने वाले सांसद संत सीचेवाल ने कहा कि राघव चड्ढा ने आजाद ग्रुप बनाने की बात कहकर मुझे 16, 17 और 18 अप्रैल को चाय पर बुलाया था लेकिन मैं वहां नहीं गया। मैंने उन्हें किसी तरह का आजाद ग्रुप बनाने या उसमें शामिल होने से मना कर दिया।
26 अप्रैल- AAP छोड़ने वाले तीसरे सांसद अशोक मित्तल को केंद्र सरकार ने Y सिक्योरिटी दी। इससे पहले इसी दिन पंजाब की AAP सरकार ने पूर्व क्रिकेटर व सांसद हरभजन सिंह भज्जी की Y कैटेगरी सिक्योरिटी हटा ली थी। इसके तुरंत बाद ही केंद्र सरकार ने भज्जी को CRPF की सिक्योरिटी दे दी। उनके घर के बाहर ये जवान तैनात कर दिए गए। इससे पहले राघव चड्ढा की Z+ सिक्योरिटी हटने पर केंद्र से सिक्योरिटी मिल गई थी।
26 अप्रैल- राज्यसभा सांसद और लवली यूनिवर्सिटी के मालिक अशोक मित्तल के खिलाफ लुधियाना, जालंधर और अमृतसर में प्रदर्शन हुए। जालंधर में हरभजन सिंह के घर के बाहर गद्दारो शर्म करो के नारे लगाए गए। हालांकि, CRPF ने प्रदर्शनकारियों को घर तक पहुंचने नहीं दिया।
26 अप्रैल- दिल्ली से AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि पार्टी छोड़ने वाले सभी एमपी उसी पार्टी के एमएलए से चुने गए, जिसे वो भला-बुरा कह रहे हैं। हमने उनके खिलाफ संसद में पत्र लिखा है और मुझे विश्वास है कि जल्द ही चेयरमैन फैसला देकर इनकी सदस्यता रद्द करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के भी इस संबंध में कई फैसले हैं और संविधान की 10वीं अनुसूची में भी इसके बारे में नियम है।

भज्जी के घर में गद्दार लिखते हुआ आप का वर्कर।
राघव चड्ढा के 14 लाख इंस्टाग्राम फॉलोअर्स घटे
आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भाजपा जॉइन करने वाले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के इंस्टाग्राम पर करीब 14 लाख फॉलोअर्स कम हो गए हैं। 24 घंटे पहले उनके फॉलोअर 14.6 मिलियन (1 करोड़ 46 लाख) थे। शनिवार शाम तक यह 13.2 मिलियन (1 करोड़ 32 लाख) बचे हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह युवा यूजर्स की प्रतिक्रिया हो सकती है।
*************
ये खबरें भी पढ़ें:
पंजाब- AAP छोड़ने वाले सांसदों की लग्जरी लाइफस्टाइल:₹60 हजार के जूते, ₹80 हजार का चश्मा, ₹3 लाख का पेन; 6 सांसदों की प्रॉपर्टी-शौक के बारे में जानिए

आम आदमी पार्टी (AAP) को छोड़ने वाले पंजाब के 6 में से 5 राज्यसभा सांसद लग्जरी लाइफस्टाइल जीते हैं। संदीप पाठक को छोड़ दें तो सभी करोड़पति हैं। इनमें सबसे अमीर ट्राइडेंट ग्रुप के चेयरमैन राजिंदर गुप्ता है, जिनके पास 5 हजार करोड़ की प्रॉपर्टी है। पढ़ें पूरी खबर….
—————– AAP की टूट से BJP को पंजाब में क्या फायदा:चड्ढा केजरीवाल के खिलाफ नैरेटिव सेट करेंगे, पाठक स्ट्रैटजी बनाएंगे; जानें ‘कैप्टन’ कौन होगा

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ही आम आदमी पार्टी (AAP) में टूट हो गई। पंजाब के 6 सांसदों ने अचानक पार्टी छोड़ दी। इनमें से 3 राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने भाजपा जॉइन कर ली। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि पंजाब में AAP के MLA भी टूटेंगे या नहीं। पढ़ें पूरी खबर…