उवैस चौधरी | इटावा2 मिनट पहले
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इटावा के चौबिया थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार को 14 साल की कक्षा 8 की नाबालिग छात्रा की शादी को बाल संरक्षण टीम ने समय रहते रुकवा दिया। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर मिली सूचना के बाद टीम मौके पर पहुंची और बारात आने से ठीक पहले बालिका को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। शादी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, लेकिन अचानक हुई कार्रवाई से पूरा कार्यक्रम रुक गया।
गांव में शादी का माहौल बना हुआ था। घर पर भोजन की व्यवस्था चल रही थी और सभी पारंपरिक रस्में निभाई जा रही थीं। बालिका को हल्दी लगाई जा चुकी थी और हाथों में कंकन भी बंधा हुआ था। देर शाम बारात आने की तैयारी पूरी थी। बताया गया कि 14 वर्षीय बालिका की शादी सैफई क्षेत्र के 25 वर्षीय युवक से कराई जा रही थी, जो पहले से विवाहित था और एक बच्चे का पिता भी है।

1098 हेल्पलाइन की सूचना पर सक्रिय हुई टीम
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर शिकायत मिलते ही बाल संरक्षण विभाग हरकत में आ गया। बाल संरक्षण अधिकारी सोहन गुप्ता, जिला समन्वयक कीर्ति गुप्ता, केस वर्कर अर्पित, एएचटीयू प्रभारी इंस्पेक्टर प्रेमचंद यादव, कांस्टेबल रफीक अहमद और महिला कांस्टेबल प्रीती मौके पर पहुंचे। चौबिया थानाध्यक्ष महेंद्र सिंह ने भी तत्परता दिखाते हुए उपनिरीक्षक मानसिंह और कांस्टेबल रवि को टीम के साथ भेजा।

रेस्क्यू के बाद मेडिकल और आगे की कार्रवाई जारी
संयुक्त टीम ने गांव पहुंचते ही शादी की रस्में रुकवा दीं और बालिका को सुरक्षित रेस्क्यू कर जिला मुख्यालय ले जाया गया। वहां उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। इसके बाद बालिका को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा। इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई भी की जा रही है।

बाल विवाह है दंडनीय अपराध, विशेषज्ञों की चेतावनी
बाल संरक्षण विशेषज्ञ प्रेम कुमार शाक्य ने बताया कि नाबालिग बालिका का विवाह पूरी तरह अवैध है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत यह एक गंभीर अपराध है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
