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उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में चर्चित रहे विवाद के बीच रेलवे प्रशासन ने चीफ क्रू कंट्रोलर रतन कुमार का स्थानांतरण कर दिया है। यह वही मामला है, जिसमें एक लोको पायलट द्वारा बीमारी के विरोध में कपड़े उतारने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद तीन मार्च को लखनऊ की रेलवे लॉबी में हुई इस घटना का वीडियो देशभर में फैल गया था। लोको पायलट राजेश मीणा ने आरोप लगाया था कि उन्हें बवासीर की गंभीर समस्या है, लेकिन रेलवे अस्पताल से उन्हें राहत नहीं मिल रही थी। निजी अस्पताल में इलाज और सर्जरी के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने का दावा किया गया था। छुट्टी विवाद से भड़का मामला जानकारी के मुताबिक, लोको पायलट ने 22 से 28 फरवरी तक निजी अस्पताल में इलाज कराया था। इसके बाद उन्होंने छुट्टी बढ़ाने के लिए रेलवे हेल्थ यूनिट से संपर्क किया, जहां डॉक्टर ने सिक मेमो लाने को कहा। इसी सिलसिले में वह चीफ क्रू कंट्रोलर के पास पहुंचे थे, जहां विवादित घटना हुई। रेलवे का रुख और जांच रिपोर्ट रेलवे प्रशासन ने रतन कुमार के ट्रांसफर को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताया है। वहीं, जांच कमेटी ने लोको पायलट को सेवा नियमों के उल्लंघन का दोषी माना है। इस पूरे मामले को लेकर ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन ने भी देशभर में विरोध दर्ज कराया था।
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वायरल वीडियो कांड के वाले चीफ क्रू कंट्रोलर हटाए गए:लोको पायलट ने रतन कुमार के सामने पेंट उतार कर दिखाई थी बीमारी