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अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित की जाने वाली दानराशि को लेकर उठे सवालों के बीच राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में रहे वरिष्ठ भाजपा नेता और बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार ने मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़े इस विषय पर किसी भी प्रकार की शंका या आरोप को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और यदि कोई अनियमितता हुई है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। वर्ष 2019 में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद से ही अयोध्या में दर्शनार्थियों का प्रवाह बढ़ा और अस्थायी मंदिर से लेकर भव्य नव्य मंदिर तक श्रद्धालुओं ने खुले मन से दान अर्पित किया। प्रतिदिन करोड़ों रुपये की दानराशि मंदिर को प्राप्त होने लगी, जिसकी गिनती निर्धारित व्यवस्था के तहत बैंक कर्मियों और ट्रस्ट द्वारा नियुक्त कर्मचारियों की निगरानी में सीसीटीवी कैमरों तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं के बीच होती रही।इसी बीच दानराशि में कथित अनियमितता और चोरी की चर्चाओं ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित धनराशि में लंबे समय से गड़बड़ी होती रही। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन चर्चा के केंद्र में आने के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर बहस का विषय बन गया है। इसी संदर्भ में दैनिक भास्कर के संवाददाता ने अयोध्या पहुंचे विनय कटियार से बातचीत की। उन्होंने कहा कि वह स्वयं मामले की जानकारी लेने और वास्तविक स्थिति समझने के लिए अयोध्या आए हैं। कटियार ने कहा, “मैं आज इसी विषय को लेकर अयोध्या आया हूं। यहां की स्थिति समझूंगा और उसके बाद अपनी बात रखूंगा। यदि कोई बात सामने आ रही है तो उसकी जांच अवश्य होनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके पास पूरी जानकारी नहीं है कि वास्तव में चोरी हुई है या नहीं, लेकिन जिस प्रकार की चर्चाएं और आरोप सामने आ रहे हैं, उन्हें देखते हुए मामले की गंभीरता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “हमें पूरी तरह जानकारी नहीं है कि क्या हुआ है और क्या नहीं हुआ है, लेकिन जब इतने बड़े स्तर पर सवाल उठ रहे हैं तो सच्चाई सामने आनी चाहिए। जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।”विनय कटियार ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि केवल एक मंदिर नहीं बल्कि करोड़ों सनातनियों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में दानराशि से जुड़े किसी भी विवाद का शीघ्र और पारदर्शी समाधान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वह नियमित रूप से मंदिर नहीं जाते हैं। उन्होंने कहा, “मैं एक बार गया था, वह भी तिल देखने के लिए। मैं वहां की व्यवस्थाओं में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हूं, इसलिए बिना पूरी जानकारी के कोई अंतिम टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।”कटियार ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनके अनुसार ट्रस्ट को बैठक बुलाकर पूरे प्रकरण की समीक्षा करनी चाहिए और यदि आवश्यकता हो तो स्वतंत्र जांच भी करानी चाहिए, ताकि किसी प्रकार का संशय शेष न रहे। उन्होंने कहा कि इस विषय पर चिंतन और मंथन की आवश्यकता है। “जब मामला करोड़ों लोगों की श्रद्धा और विश्वास से जुड़ा हो, तब पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण होती है। जांच होगी तो सत्य सामने आएगा और लोगों का विश्वास और मजबूत होगा।”
अयोध्या में दानराशि को लेकर उठे इस विवाद पर अभी तक आधिकारिक स्तर पर विस्तृत तथ्य सामने नहीं आए हैं, लेकिन विनय कटियार के बयान के बाद यह स्पष्ट है कि राम मंदिर आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं का भी मानना है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराकर सभी शंकाओं का समाधान किया जाना चाहिए। फिलहाल पूरे प्रकरण पर श्रद्धालुओं, संत समाज और राजनीतिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं।
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सबको ठीक कर देंगे, बस थोड़ा सा इंजतर करिए:राममंदिर दान चेारी पर बोले विनय कटियार-: “मामले की हो गंभीर जांच, सच्चाई सामने आनी चाहिए”