पीलीभीत में शराब दुकान के विरोध में प्रदर्शन:महिलाओं और आबकारी अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक


पीलीभीत के कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार को कलीनगर तहसील की ग्राम पंचायत बूंदीभूड़ की दर्जनों महिलाओं और ग्रामीणों ने शराब की दुकान खोले जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और आबकारी विभाग के अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। ग्रामीण अपनी पंचायत सीमा के भीतर किसी भी कीमत पर शराब की दुकान न खोलने देने की मांग पर अड़े रहे। ग्राम प्रधान शीला सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी को सौंपे गए पत्र में ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत में प्रस्तावित अंग्रेजी और देशी शराब की दुकान का पहले भी विरोध किया गया था। ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर हुई कई बैठकों का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं और पुरुषों ने सर्वसम्मति से गांव की सीमा के भीतर शराब की दुकान को अस्वीकार करने का निर्णय लिया है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आशंका व्यक्त की कि शराब की दुकान खुलने से गांव का शांतिपूर्ण माहौल खराब होगा और आपराधिक गतिविधियों में वृद्धि होगी। प्रदर्शन के दौरान जब आबकारी विभाग के अधिकारी ग्रामीणों को समझाने पहुंचे, तो महिलाएं उग्र हो गईं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि विभाग राजस्व के लालच में उनके परिवार और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। काफी देर तक अधिकारियों और महिलाओं के बीच बहस चलती रही। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि सामाजिक हित और कानून-व्यवस्था को देखते हुए प्रस्तावित दुकान को पूर्णतः निरस्त किया जाए या ग्राम पंचायत क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि ग्राम पंचायत बूंदीभूड़ में पूर्व में भी इस संबंध में सामूहिक प्रार्थना पत्र दिया गया था और गांव की महिलाओं ने गांव में शराब की एक बूंद भी न बिकने देने की चेतावनी दी है। इस प्रदर्शन के दौरान हरेराम भर, अमित, सुधा देवी, सरिता, शशिकांता और रीमा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अब देखना यह है कि प्रशासन जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस दुकान को हटाता है या ग्रामीणों का यह विरोध आगे और उग्र रूप लेता है।

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