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- Manipur: 6 Naga Bodies Recovered After Abduction, Protests Erupt Outside JNIMS Mortuary
इम्फाल3 मिनट पहले
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नगा शव मिलने के बाद कई जिलों में हिंसा भड़क गई।
मणिपुर के लेइलोन वाइफेई क्षेत्र से 6 नगा लोगों के शव मिलने के बाद गुरुवार को राज्य के कई हिस्सों में आक्रोश और तनाव फैल गया। इसी बीच सेनापति जिले के करोंग क्षेत्र में अज्ञात लोगों द्वारा सामान से लदे ट्रकों को आग के हवाले किए जाने की खबर है। वहीं, नागा पीपुल्स फ्रंट (NPF) के मुख्यालय पर भी भीड़ ने हमला कर आग लगा दिया।
दरअसल, बुधवार को 6 नगा लोगों के शव बुधवार को पुलिस ने बरामद किए थे। माना जा रहा है कि ये शव उन्हीं 6 नगा लोगों के हैं, जिन्हें 13 मई को अगवा किया गया था। पुलिस के अनुसार, 24 घंटे चले खोज अभियान में मणिपुर पुलिस, सीआरपीएफ और असम राइफल्स के 450 जवान शामिल थे। स्निफर डॉग और फोरेंसिक विशेषज्ञों की भी मदद ली गई।
पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े
शव को कड़ी सुरक्षा के बीच इम्फाल स्थित जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान (JNIMS) की मोर्चरी में लाया गया। इसके बाद मोर्चरी के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।

स्थिति पर नजर रखने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे।

मोर्चरी और आसपास के इलाके में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए।
शव मिलने के बाद मुख्यमंत्री वाई.खेमचंद सिंह ने कहा कि राज्य सरकार अत्याचारों पर दर्शक बनकर नहीं रहेगी। सरकार इस तरह की हिंसा बर्दाशत नहीं करेगी और दोषियों को गिरफ्तार कर सजा दिलाई जाएगी।
हिंसा की 5 तस्वीरें…





अज्ञात लोगों ने 6 घरों में आग लगा दी
कामजोंग जिले में भी हिंसा की घटना सामने आई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार अज्ञात हमलावरों ने कामजोंग जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित कुल्तुक कुकी गांव में छह घरों को आग लगा दी। यह गांव लगभग 25 घरों वाला एक छोटा बस्ती क्षेत्र है।
शुरुआती रिपोर्टों में दो लोगों के मारे जाने की आशंका जताई गई है, हालांकि प्रशासन ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कामजोंग पुलिस ने बताया कि स्थिति का आकलन करने और मामले की जांच के लिए एक टीम को गांव भेजा गया है।
UNC ने 11-12 जून को 24 घंटे पूर्ण बंद का आह्वान किया
यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) ने हत्याओं के विरोध में 11 जून सुबह 6 बजे से 12 जून सुबह 6 बजे तक नागा बहुल क्षेत्रों में 24 घंटे के पूर्ण बंद का आह्वान किया है। परिषद ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि जब तक उसकी मांगों पर राज्य तथा केंद्र सरकार कार्रवाई नहीं करती, तब तक समुदाय शवों को स्वीकार नहीं करेगा।
यूएनसी की प्रमुख मांगे…
- कुकी उग्रवादी समूहों के साथ हुए सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन समझौते को समाप्त करना।
- अपहरण और हत्या में शामिल लोगों की गिरफ्तारी एवं अभियोजन।
- कुकी नेशनल फ्रंट-प्रेसिडेंट ग्रुप (KNF-P) को आतंकवादी संगठन घोषित करना।
- उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन को पद से हटाना शामिल है।
राज्य सरकरा ने जांच NIA को सौप दी
मणिपुर के नगा समुदाय के शीर्ष संगठन यूनाइटेड नागा काउंसिल ने इस घटना की निंदा करते हुए कुकी नेशनल फ्रंट-प्रेसिडेंट ग्रुप (KNF-P) को आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग की है। राज्य सरकरा ने 6 नागा ग्रामीणों के अपहरण की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौप दी है।
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रविवार को उखरुल जिले के शोक्वाओ और न्यू हेवन इलाके में महिलाओं ने असम राइफल्स के जवानों को आगे बढ़ने नहीं दिया वे मशाल लेकर विरोध करती रहीं।
मणिपुर में 3 साल से जातीय हिंसा चल रही है। राज्य में पूरी तरह शांति नहीं है। सोमवार को कांगपोकपी जिले के पोंग्रिंगलॅान्ग रोंग्मेई नगा गांव में कुकी उग्रवादी संगठन ने गोलीबारी की। इस घटना के बाद लापता चुन्जांग्लुंग पान्मेई नाम के नगा विलेज गार्ड का शव जंगलों से मिला है। उसके सिर पर गोली मारी गई थी।
नगा समूहों का आरोप है कि केंद्र कुकी समूहों का इस्तेमाल शैडो वॉर (छाया युद्ध) के तौर पर कर रहा है। इसके अलावा चिंग मामांग गांव में अज्ञात हथियारबंद लोगों ने गोलीबारी की, जिसमें एक घायल हुआ है। नगा संगठनों ने सुरक्षा बलों पर पक्षपात का आरोप लगाया है। साथ ही निष्पक्ष जांच की मांग की है। पूरी खबर पढ़ें
