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कुशीनगर के पडरौना के निकट सिधुआ बाजार स्थित प्राचीन बाबा सिद्धनाथ मंदिर में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार से एक माह तक चलने वाले सावन मेले का शुभारंभ हो गया। नाथ संप्रदाय से जुड़े इस मंदिर में पूरे सावन माह विशेष पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और धार्मिक अनुष्ठान होंगे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िए यहां दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। पडरौना मुख्यालय से करीब छह किलोमीटर दूर तमकुहीरोड मार्ग पर स्थित बाबा सिद्धनाथ मंदिर को करीब पांच हजार वर्ष पुराना माना जाता है। इसकी धार्मिक और ऐतिहासिक मान्यता के कारण सावन माह में पूर्वांचल सहित आसपास के जिलों और नेपाल सीमा से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। गुरु पूर्णिमा पर हुआ गुरु पूजन मठ के महंत योगेश्वर नाथ ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मंदिर परिसर में स्थापित सभी पूज्य गुरुओं की प्रतिमाओं का विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके साथ ही सावन मेले की औपचारिक शुरुआत हुई। अब पूरे एक महीने तक विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बैद्यनाथ धाम जाने वाले कांवड़िए भी करते हैं दर्शन महंत ने बताया कि सावन भर आसपास की नदियों से जल लेकर कांवड़िए बाबा सिद्धनाथ का जलाभिषेक करते हैं। वहीं झारखंड के देवघर स्थित बैद्यनाथ धाम जाने वाले कांवड़िए भी अपनी यात्रा शुरू करने से पहले बाबा सिद्धनाथ के दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं। वापसी के दौरान भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। मेले में सजने लगीं दुकानें, झूले बने आकर्षण मंदिर परिसर में लगने वाले मेले में दूर-दराज से व्यापारी विभिन्न प्रकार की दुकानें लगाते हैं। बच्चों के लिए झूले और मनोरंजन के अन्य साधन आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इससे पूरे क्षेत्र में मेले जैसा उत्साह देखने को मिल रहा है। रक्षा बंधन तक चलेगा मेला सावन मेले के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से प्रतिदिन भंडारों का आयोजन किया जाएगा। यह एक माह तक चलने वाला धार्मिक मेला अगली पूर्णिमा यानी रक्षा बंधन के दिन संपन्न होगा।
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5 हजार साल पुराने बाबा सिद्धनाथ मंदिर में सावन मेला:आज गुरु पूर्णिमा से एक महीने चलेगा, कुशीनगर से कांवड़िए बैद्यनाथ धाम जाएंगे