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शादी कराने का प्रलोभन दिखा कर लोगों से लाखों की ठगी करने वाला रंजीश कुमार गौड़ तीन साल 6 साल पहले नौकरी की तलाश में कानपुर आया था। रंजीश को उसके गांव के साथी अमित ने ही सबसे पहले 6 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन पर अपने मैरिज ब्यूरो में रखा था। करीब 2 साल तक अमित के मैरिज ब्यूरो में नौकरी करने के बाद उसने 2022 में कर्रही रोड पर अपना खुद का मैरिज ब्यूरो की शुरूआत कर दी। वहीं मैरिज ब्यूरो चलाने वाला अमित आगरा शिफ्ट हो गया और रंजीश के गोरखधंधे को मैनेज करने का जिम्मा लेने लगा। जिसके बाद रंजीश लोगों को ठगी का शिकार बनाने लगा। वर्ष 2025 और जनवरी 2026 में रंजीश ने गौशाला और यशोदा नगर में 2 और मैरिज ब्यूरो खोले। AI के जरिए महिलाओं की खूबसूरत फोटो एडिट कर लोगों को जाल में फंसाने का काला कारोबार तेजी से बढ़ने लगा। अधेड़ और तलाकशुदा लोगों को बनाता था शिकार वह अधिकांश रूप से अधेड़, तलाकशुदा लोगों को अपना शिकार बनाने लगा। उसकी काली कमाई का कारोबार अच्छी तरह से फल फूल रहा था, इसका अंदाजा पुलिस को इस बात से मिला कि उसने अपने टेली कॉलर सके 100 युवतियों और महिलाओं को जॉब ऑफर की थी। जॉब के लिए रंजीश ने पूरे शहर में पंपलेट बंटवाने की योजना बना रखी थी। पुलिस ने जब मैरिज ब्यूरो में छापा मारा तो वहां कई बंडल पंपलेट पुलिस को मिले। जिनमें लिखा था कि– हाईस्कूल से ग्रेजुएशन पास युवतियों और महिलाओं की ऑफिस कार्य के लिए जरूरत है। 100 पदों के लिए रिक्त पद हैं, 6 हजार सैलरी, कमीशन साथ ही बोनस… कमाएं 12 से 15 हजार रुपए महीना। गिरोह सोशल मीडिया और मैट्रिमोनियल वेबसाइटों से मोबाइल नंबर और अन्य जानकारी जुटाता। टेलीकॉलर युवतियां मैरिज काउंसलर, रिलेशनशिप एडवाइजर बनकर अविवाहित लोगों की हैसियत की जानकारी जुटातीं। इसके बाद फर्जी प्रोफाइल, इंटरनेट से ली गई तस्वीरें और मनगढ़ंत पारिवारिक विवरण भेज युवकों को बातों में फंसाया जाता। टेलीकॉलर की सहकर्मी युवती शादी के इच्छुक युवकों से बात कर जल्द शादी करने का दिलासा देतीं और तीन से 20 हजार तक के गोल्ड, सिल्वर, प्लेटिनम पैकेज बेच डालती। फोन पर बात करने पर देने पड़ते पांच हजार पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पैकेज लेने के बाद कॉल सेंटर की युवतियां मैरिज काउंसलर या रिलेशनशिप मैनेजर बनकर पहले युवक से बात करती थीं, फिर कॉल सेंटर की दूसरी युवती से युवक की बात कराई जाती थी, जो खुद को शादी का इच्छुक बताती थी। कुछ देर बात करने के बाद मैरिज ब्यूरो की तरफ से अगले 24 घंटे तक फोन पर बात न करने की हिदायत दी जाती थी। 24 घंटे के भीतर दोबारा फोन करने पर युवक पर पांच हजार रुपये वसूले जाते। फर्जी रसीदें भेजकर दिलाते भरोसा पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शादी के इच्छुक युवाओं से रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोफाइल निर्माण शुल्क, मैचिंग शुल्क, संपर्क शुल्क और पारिवारिक सहमति शुल्क जैसे अलग-अलग बहानों से रकम मांगी जाती। युवक आनाकानी करते तो फर्जी भुगतान रसीदें और स्क्रीनशॉट भेजकर यह दिखाया जाता था कि दूसरी तरफ से भी भुगतान हो चुका है, इसलिए प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए और पैसा जमा करना जरूरी है। कॉलिंग के आधार पर तय होता था कमीशन पूछताछ में खुलासा हुआ कि मैरिज ब्यूरो में काम करने वाली सभी युवतियों को दिन भर में 20 से अधिक लोगों से कॉल करने का टारगेट दिया जाता था। इन कॉल और फंसे शिकार से वसूली गई रकम के आधार पर युवती को कमीशन भी दिया जाता था। ग्राहक सेवा केंद्र से रुपये भेजता था चंद्रेश पुलिस ने बताया कि बाराबंकी वाले शिकायतकर्ता च्रंदेश कुमार ने बताया था कि वह मजदूर है। उसके पास बैंक खाता नहीं था तो वह ग्राहक सेवा केंद्र जाकर रुपये आरोपियों के बताए बैंक खाते में जमा कराता था। उससे चार लाख रुपये हड़पने के बाद भी उसकी शादी नहीं कराई गई।
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100 युवतियों की भर्ती करने वाला था रंजीश:12 से 15 हजार सैलरी के छपवाएं थे पंपलेट, शादी कराने का झांसा देकर डील करती थीं युवतियां