हाथ जोड़ती रहीं महिलाएं, गाड़ियां तोड़ते रहे प्रदर्शनकारी:प्रयागराज में प्रदर्शन के दौरान भीड़ उग्र, कई गाड़ियों को तोड़ा


कुछ वाहनों में महिलाएं और परिवार मौजूद थे। वाहन में बैठी महिलाएं हाथ जोड़कर गाड़ी न तोड़ने की गुहार लगाती रहीं प्रदर्शन कर रहे लोग एक न सुने कुछ की गाड़ियां तोड़ी, कुछ के गाड़ियां पलट दी, कुछ वाहन में परिवार के साथ बच्चियां और महिला थी उन गाड़ियों पर हमला हुआ, कुछ के गाड़ी से सामान तक निकाल कर फेंक दिया गया सबसे बड़ी बात शिक्षा मंत्री के स्तीफा होने के बाद भी गाड़ियों में तोड़ फोड़ चल रहा था। आखिर क्यों? कौन थे ये लोग? देखें तस्वीरें……
प्रयागराज 25 जुलाई को छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया था। पहले से कहा गया था कि यह पूरी तरह शांतिपूर्ण आंदोलन होगा और छात्र अपनी बात सरकार तक पहुंचाएंगे। सुबह से ही हजारों छात्र सुभाष चौराहा पर जुटने लगे। देखते-देखते सुभाष चौराहा से धरना स्थल तक दोनों तरफ की सड़क छात्रों से भर गई। हर तरफ नारेबाजी हो रही थी और छात्र अपने-अपने तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन इसी भीड़ के बीच कुछ ऐसे लोग भी नजर आए जो आंदोलन का माहौल बिगाड़ रहे थे। प्रदर्शन के दौरान सड़क से गुजरने वाली कई गाड़ियों को रोककर तोड़फोड़ की गई। लोगों का कहना था कि जिन गाड़ियों पर भाजपा का झंडा या किसी नेता का स्टीकर लगा था, उन्हें खास तौर पर निशाना बनाया गया। कई गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए, कुछ गाड़ियों को पलट दिया गया और कई वाहनों को दौड़ाकर नुकसान पहुंचाया गया। सबसे दुखद बात यह रही कि कुछ गाड़ियों में महिलाएं और परिवार भी बैठे थे। महिलाएं हाथ जोड़कर गाड़ी न तोड़ने की गुहार लगाती रहीं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। सवाल यह उठता है कि अगर प्रदर्शन शांतिपूर्ण था तो फिर इन परिवारों की क्या गलती थी? प्रदर्शन के दौरान जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आई तो कई छात्र सड़क पर जश्न मन रहे थे हालांकि इसी दौरान भी वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं जारी रहीं। सबसे बड़ा सवाल यदि मांग पूरी होने के बाद जश्न मनाया जा रहा था, तो फिर हिंसा और तोड़फोड़ क्यों जारी रही? इन घटनाओं के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या यह पूरी तरह शांतिपूर्ण प्रदर्शन था? यदि हां, तो फिर भीड़ में शामिल वे लोग कौन थे जिन्होंने वाहनों में तोड़फोड़ की, महिलाओं और परिवारों को डराया तथा मीडिया कर्मियों के साथ अभद्रता की? क्या ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी?

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