हाथरस में किशोरी हत्याकांड में एक आरोपी गिरफ्तार:परिजनों के फोन आने पर डरकर नहर में फेंका शव


हाथरस पुलिस ने एक लापता किशोरी की हत्या का 10 माह बाद खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में मंगलवार की शाम को एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिसने कबूल किया है कि उसने डर के मारे किशोरी की हत्या कर शव नहर में फेंक दिया था। यह युवक इसी लड़की के गांव का रहने वाला है। यह मामला 23 सितंबर 2025 का है, जब थाना हाथरस जंक्शन पर सिकंदरपुर गांव निवासी सर्वेश कुमार ने अपनी 17 वर्षीय बेटी अंजलि के लापता होने की सूचना दी थी। उन्होंने बताया था कि कोई अज्ञात व्यक्ति उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देश पर हाथरस जंक्शन कोतवाली पुलिस ने अंजलि के मोबाइल डेटा, सोशल मीडिया गतिविधियों, इंस्टाग्राम संपर्कों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), डिजिटल फुटप्रिंट और अन्य तकनीकी इनपुट का गहन विश्लेषण किया। आंध्र प्रदेश के युवक से बात करती थी किशोरी जांच के दौरान सिकंदरपुर गांव निवासी ओमकार को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। ओमकार ने बताया कि अंजलि इंस्टाग्राम के माध्यम से आंध्र प्रदेश में कार्यरत एक युवक से बात करती थी और घटना वाले दिन वह उसी से मिलने के उद्देश्य से घर से निकली थी। अंजलि ने ओमकार से केवल हाथरस जंक्शन रेलवे स्टेशन तक छोड़ने का अनुरोध किया था, जिसके बाद ओमकार उसे अपनी मोटरसाइकिल से रेलवे स्टेशन की ओर ले गया। घबराहट में की थी किशोरी की हत्या रास्ते में ओमकार ने अंजलि को घर वापस लौटने और इतनी दूर न जाने के लिए समझाया, लेकिन अंजलि ने इनकार कर दिया। इसी दौरान अंजलि के परिजनों के लगातार फोन उसके मोबाइल पर आने लगे। ओमकार को डर लगा कि यदि अंजलि घर नहीं पहुंची तो उस पर संदेह होगा और वह कानूनी कार्रवाई में फंस जाएगा। इसी घबराहट और भय में उसने अंजलि की हत्या कर शव नहर में फेंक दिया। पुलिस टीम ओमकार की निशानदेही पर बताए गए स्थान पर पहुंची और घटनास्थल का पुनर्निर्माण कराया। नहर में शव की तलाश की गई, लेकिन घटना को काफी समय बीत जाने के कारण शव नहीं मिला। नहर में मिली थी किशोरी की लाश
आरोपी द्वारा बताए गए घटनास्थल और समय का पुराने पुलिस अभिलेखों से मिलान किया गया, जिसमें पता चला कि थाना कोतवाली सदर क्षेत्र में उसी नहर से एक अज्ञात किशोरी का शव बरामद हुआ था। पहचान न होने के कारण उसका पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार करा दिया गया था। बाद में पहचान चिह्नों का अंजलि के परिजनों से मिलान कराया गया, जिस पर उन्होंने उक्त शव की पहचान अपनी बेटी अंजलि के रूप में की। इस मामले में गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान ओमकार पुत्र रामवीर सिंह, निवासी गांव सिकंदरपुर, थाना हाथरस जंक्शन के रूप में हुई है।

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