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हरदोई रोडवेज डिपो में 2.10 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। निगम कोष में कम धनराशि जमा करने के आरोप में क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव वर्मा ने 3 कैशियरों को निलंबित कर दिया है। इसके अतिरिक्त, 14 परिचालकों (कंडक्टरों) को कार्य से विरत (डायल ऑफ) किया गया है और मुख्य कैशियर के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। यह कार्रवाई 16 जुलाई की शाम की गई है। यह मामला जून के आखिरी सप्ताह में उस समय उजागर हुआ, जब परिचालकों ने त्योहारों के दौरान मिलने वाली प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) के संबंध में वित्तीय लेनदेन कार्यालय से संपर्क किया। जांच के दौरान पता चला कि परिचालकों की ओर सें निगम की कुल कमाई में से 2.10 लाख रुपये सरकारी खजाने में जमा नहीं किए गए थे। विभिन्न परिचालकों पर 80,000 रुपये, 50,000 रुपये और 39,000 रुपये जैसी बड़ी रकमें कम जमा करने के गंभीर आरोप लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच कराई गई, जिसमें कार्यालय में तैनात कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। सहायक कैशियर नवलेश कुमार, सुनील श्रीवास्तव और बुकिंग लिपिक शरद कुमार को 16 जुलाई को निलंबित कर दिया गया। मुख्य कैशियर हरीनाम के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन को सिफारिशी पत्र भेजा गया है। जिन 14 परिचालकों को ड्यूटी से हटाया गया है, उनमें सात महिला परिचालक शामिल हैं। इन सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। हटाए गए परिचालकों में आशीष त्रिवेदी, इशिता सिंह, ओम प्रकाश, उमा देवी, मोनू गुप्ता, रोमी मिश्रा, अर्चना कुशवाहा, प्रतीक्षा देवी, पूनम देवी, अभिषेक बाजपेई, प्रिया गौतम, कौशल शुक्ला, बृजेश कुमार और अरविंद कुमार शामिल हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव वर्मा ने बताया कि कम जमा की गई पूरी धनराशि को वसूल कर लिया गया है। परिचालकों को दोबारा काम पर रखने का फैसला उनके स्पष्टीकरण का जवाब आने के बाद ही लिया जाएगा। 80,000 रुपये की अनियमितता करने वाले एक परिचालक को हरदोई डिपो से हटाकर दूसरे डिपो में स्थानांतरित करने की तैयारी की गई है।
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हरदोई रोडवेज में 2.10 लाख का गबन, 3 कैशियर सस्पेंड:14 परिचालक कार्य से विरत, मुख्य कैशियर पर कार्रवाई की सिफारिश