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हरदोई में शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को शहर के प्राचीन मां काली मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 5 बजे मंदिर के कपाट खुलते ही भक्त दर्शन के लिए कतारों में लगने लगे। सुबह करीब 8:30 बजे तक मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना और हवन का क्रम जारी रहा। श्रद्धालुओं ने मां काली के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना की। शहर का मां काली मंदिर करीब 200 साल पुराना बताया जाता है। स्थानीय मान्यताओं के चलते यहां नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भक्त मां के सामने माथा टेककर प्रसाद चढ़ाते हैं और अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं। नवरात्र के पहले दिन सुबह से ही मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। कतारों में खड़े भक्त अपनी बारी का इंतजार करते हुए मां के दर्शन करते रहे। नवरात्र में विशेष पूजा, हवन और रामचरितमानस का पाठ मंदिर के पुजारी दीपू शर्मा ने बताया कि मां काली के दरबार में प्रतिदिन पूजा-अर्चना होती है, लेकिन शारदीय नवरात्र में विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। सुबह 5 बजे मंदिर के कपाट खुलने के बाद पूजन, हवन और आरती होती है। मां का विशेष श्रृंगार किया जाता है। इसके साथ ही रामचरितमानस का पाठ भी होता है। नवरात्र के दौरान भंडारे और रात में मां दुर्गा के भजनों के साथ कीर्तन का आयोजन किया जाता है। मनोकामना पूरी होने पर दोबारा दर्शन करने पहुंचते हैं भक्त मंदिर से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धालु अपनी परेशानियां दूर होने और मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना लेकर मां के दरबार में पहुंचते हैं। मनोकामना पूरी होने पर कई भक्त दोबारा मंदिर आकर मां के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि वह करीब 12 साल पहले पहली बार मंदिर आई थीं। उस समय उनके पास कुछ नहीं था। आज जीवन में आए बदलाव को वह मां काली की कृपा मानती हैं। पूजा-अर्चना के बीच भक्तिमय हुआ माहौल नवरात्र के पहले दिन मंदिर में दर्शन, हवन और पूजा-अर्चना के बीच भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालु मां काली से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते नजर आए। नवरात्र के दौरान विशेष धार्मिक आयोजनों के चलते मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहने की उम्मीद है।
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हरदोई में मां काली के दरबार में उमड़े भक्त:सुबह 5 बजे से लगी कतारें, 200 साल पुराने मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे श्रद्धालु