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सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज नगर क्षेत्र में फ्लाईओवर के नीचे से रेहड़ी-पटरी और छोटे दुकानदारों को हटाने की कार्रवाई पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन ने चिंता व्यक्त की है। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के इन दुकानदारों को हटाना न्यायसंगत नहीं होगा। संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने अपर जिलाधिकारी न्यायिक रमेश सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि फ्लाईओवर के नीचे दुकान लगाने वाले अधिकांश लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं। यह उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है। अचानक अतिक्रमण हटाने से सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
शर्मा ने यह भी कहा कि इन दुकानदारों ने बैंकों से ऋण भी ले रखे हैं। यदि उनका व्यवसाय अचानक बंद होता है, तो उनका सिबिल खराब होने के साथ-साथ उनके समक्ष गंभीर आर्थिक समस्या उत्पन्न हो जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन का ध्यान केंद्र एवं राज्य सरकार की स्ट्रीट वेंडर नीति की ओर आकर्षित किया। शर्मा ने मांग की कि पहले नगर में व्यवस्थित वेंडिंग जोन स्थापित किए जाएं, गरीब दुकानदारों का सर्वे कराया जाए और उन्हें वैध स्थान आवंटित किए जाएं। इसके बाद ही किसी प्रकार की हटाने की कार्रवाई की जाए।
शर्मा ने जोर दिया कि गरीबों को उजाड़ना किसी समस्या का समाधान नहीं है। प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारी से “पहले पुनर्वास, फिर हटाओ” की नीति अपनाने का आग्रह किया, ताकि विकास कार्यों के साथ-साथ गरीब परिवारों की आजीविका भी सुरक्षित रहे। उन्होंने यह भी कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में किसी भी प्रकार का भेदभाव न किया जाए, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो। शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के दुकानों को हटाया गया, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होगा। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से चंदन चौरसिया, राकेश प्रसाद, दिलीप कुमार, अजय कुमार, दयाराम सोनकर, राम जी केसरी, काशी प्रसाद और आफताब आलम शामिल थे।
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सोनभद्र में फ्लाईओवर से दुकानदारों को हटाने पर संगठन चिंतित:वैकल्पिक व्यवस्था के बिना कार्रवाई न करने की मांग, ज्ञापन सौंपा