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सुल्तानपुर के लंभुआ कोतवाली क्षेत्र में एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में स्थानीय ग्राम प्रधान सहित कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया है कि नामजद आरोपियों ने मिलीभगत कर उनकी नाबालिग बेटी को देर रात घर से भगा लिया था। पीड़िता की मां ने इस संबंध में 22 जून को आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद 23 जून को उन्होंने सुल्तानपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर सीओ को प्रार्थना पत्र दिया। सीओ के निर्देश पर जब पीड़िता लंभुआ थाने पहुंची, तो पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करने के बजाय जन्म प्रमाण पत्र लाने को कहा और बिना केस दर्ज किए उन्हें वापस भेज दिया। उसी रात पुलिस ने पीड़िता को सूचना दी कि उनकी बेटी को बरामद कर लिया गया है, लेकिन मुख्य अभियुक्त के बिना उसे थाने में बैठाया गया था। थाना स्तर पर कार्रवाई न होने और रजिस्टर्ड डाक द्वारा एसपी को पत्र भेजने के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। इसके बाद पीड़िता ने अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट), सुल्तानपुर के समक्ष प्रार्थना पत्र दिया। अदालत के निर्देश पर लंभुआ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और मामले की विवेचना तथा पीड़िता के चिकित्सीय परीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में मनजीत कुमार, अरुण कुमार उर्फ शंकर चौरसिया, बलराम, रामलौट, गुड़िया, मालती और वेद प्रकाश उर्फ गुड्डू प्रधान निवासी सहिनवा को नामजद आरोपी बनाया गया है। उपनिरीक्षक आद्या प्रसाद तिवारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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सुल्तानपुर में नाबालिग का अपहरण, प्रधान समेत 7 पर केस:कोर्ट के आदेश पर POCSO एक्ट समेत गंभीर धाराओं में FIR दर्ज