सीसीएसयू में 3 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय जूलॉजी सम्मेलन शुरू:देश-विदेश के वैज्ञानिकों ने साझा किए शोध ,पर्यावरण और एआई जैसे विषयों पर मंथन


चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में मंगलवार से “37वीं ऑल इंडिया कांग्रेस ऑफ जूलॉजी एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन” का शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय यह सम्मेलन 7 से 9 अप्रैल तक चलेगा। कार्यक्रम का आयोजन सीसीएसयू के प्राणीशास्त्र विभाग द्वारा जूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के सहयोग से किया गया है। इसमें देश-विदेश के वैज्ञानिक, शोधकर्ता और शिक्षाविद शामिल होकर वैज्ञानिक शोध और नवाचार पर चर्चा कर रहे हैं। सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. आर.सी. सोबती, जेडएसआई अध्यक्ष प्रो. बी.एन. पांडेय, डीन साइंस प्रो. हरे कृष्णा, डायरेक्टर रिसर्च प्रो. बीरपाल सिंह और जम्मू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उमेश कुमार राय की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम का मार्गदर्शन कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने किया। मुख्य अतिथि प्रो. सोबती ने अपने व्याख्यान में एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस से निपटने में बायोटेक्नोलॉजी की भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं प्रो. रीता सिंह ने पीसीओएस प्रबंधन, डॉ. पापिया मंडल ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, डॉ. रजत भार्गव ने जैव विविधता संरक्षण और डॉ. सुनयना ने एआई व रिमोट सेंसिंग के उपयोग पर अपने शोध प्रस्तुत किए। इसके अलावा प्रो. राकेश पांडेय ने फाइटोमॉलिक्यूल्स के मूल्यांकन और डॉ. ए.के. सिंह ने जलीय आक्रमण के प्रभावों पर चर्चा की। अंतरराष्ट्रीय वक्ता प्रो. शोकूफेह शम्सी ने ऑनलाइन माध्यम से “वन हेल्थ फ्रेमवर्क” पर व्याख्यान दिया। आयोजन संयोजक प्रो. बिंदु शर्मा ने सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए सभी प्रतिभागियों का आभार जताया। सम्मेलन में पोषण सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास जैसे विषयों पर विशेष फोकस रखा गया।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *