सीतापुर में बाघिन पकड़ने को तीसरी बार बांधा पड़वा:ग्रामीणों में आक्रोश, किसानों की खेती प्रभावित, बच्चों को स्कूल भेजने में डर


सीतापुर के संदना थाना क्षेत्र में कमल किशोर की मौत के 45 दिन बीत जाने के बाद भी बाघिन को पकड़ने में वन विभाग को सफलता नहीं मिल सकी है। ग्रामीणों के लगातार बढ़ते आक्रोश के बाद वन विभाग ने एक बार फिर बाघिन को पकड़ने के लिए अभियान तेज कर दिया है। टीम ने तीसरी बार कुंडरीपुरवा गांव में पड़वा बांधकर बाघिन को ट्रेंकुलाइज करने की तैयारी शुरू की है। दोनों स्थानों पर टीम मचान बनाकर लगातार निगरानी कर रही है। वन विभाग की टीम बिजुआमऊ, रसुलवा, गंधारिया और आसपास के जंगल व खेतों में सघन कांबिंग अभियान चला रही है। दो दिन पहले जिस क्षेत्र में बाघिन के नए पदचिह्न मिले थे, उस इलाके में टीम ने अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। पदचिह्नों के आधार पर बाघिन की संभावित लोकेशन तलाशने के साथ ही उसके मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की टीम कमांड सेंटर से कांबिंग करने के बाद वापस लौट जाती है, लेकिन बाघिन के पकड़े नहीं जाने से उनकी परेशानियां लगातार बनी हुई हैं। ग्रामीणों के मुताबिक बाघिन की दहशत के कारण खेती-किसानी प्रभावित हो रही है। बच्चों को स्कूल भेजने में भी अभिभावकों को डर लग रहा है। खेतों में चारा लेने जाने वाले ग्रामीण अब अकेले जाने के बजाय झुंड में निकलने को मजबूर हैं। वन विभाग बाघिन की तलाश के लिए थर्मल ड्रोन स्कैनिंग, ट्रैक कैमरा और अन्य तकनीकी संसाधनों का सहारा ले रहा है। ट्रेंकुलाइज टीम को भी संभावित स्थानों पर तैनात किया गया है। हालांकि बाघिन लगातार अपनी लोकेशन बदल रही है, जिससे वन विभाग के सामने उसकी सही स्थिति का पता लगाना बड़ी चुनौती बना हुआ है। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए वन विभाग का दावा है कि बाघिन को जल्द पकड़ लिया जाएगा। टीम लगातार संभावित क्षेत्रों में निगरानी और कांबिंग कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि बाघिन की गतिविधियों की पुष्टि होते ही उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ने की कार्रवाई की जाएगी।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *