![]()
लखनऊ के हजरतगंज थाने में मूक-बधिर बच्ची खुशी सोमवार को पहुंची तो माहौल भावुक हो गया। कभी अपनी बात न कह पाने वाली खुशी अब साफ बोल और सुन पा रही है। उसने थाना प्रभारी विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री और उनकी फोटो गिफ्ट करके आभार जताया। खुशी 22 नवंबर को मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची थी। जिसको मिलाने में इंस्पेक्टर विक्रम सिंह का अहम योगदान था। कानपुर के ग्वालटोली अहरानी निवासी कल्लू की बेटी खुशी 22 नवंबर को 90 किमी पैदल चलकर लखनऊ के लोकभवन पहुंची थी। उसकी इच्छा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने की थी। मुलाकात न होने पर वह रोने लगी। उसी दौरान हजरतगंज थाना प्रभारी विक्रम सिंह की नजर उस पर पड़ी। खुशी के हाथ में मुख्यमंत्री का चित्र था लेकिन वह बोल नहीं सकती थी। जिससे उसकी बात समझ पाना मुश्किल हो रहा था। इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने मूक-बधिर विद्यालय से संपर्क कर उसकी बात समझी और उसके बाद प्रयास शुरू किए। उनकी पहल पर 26 नवंबर को खुशी और उसके परिवार की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कराई गई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर कानपुर के अस्पताल में खुशी का कॉक्लियर इंप्लांट ऑपरेशन कराया गया। ऑपरेशन के बाद फरवरी में खुशी ने सुनना और बोलना शुरू कर दिया। सोमवार को वह अपने पिता, मां गीता और भाई जगत के साथ हजरतगंज कोतवाली पहुंची। यहां उसने पहली बार इंस्पेक्टर विक्रम सिंह से बातचीत की। खुशी को बोलते-सुनते देख विक्रम सिंह भावुक हो गए। खुशी अपने साथ इंस्पेक्टर का वर्दी में बनाई फोटो और मुख्यमंत्री की फोटो भी लेकर आई थी। जिसे उसने उन्हें गिफ्ट किया।
Source link
सीएम के निर्देश पर खुशी का ऑपरेशन हुआ:90 किमी पैदल चलकर लोकभवन मिलने पहुंची थी, बच्ची को बोलता देख इंस्पेक्टर हुए भावुक