सहारनपुर में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का प्रदर्शन:छंटनी के विरोध में सत्याग्रह, निगम में समायोजन और स्थायी सुरक्षा की मांग


सहारनपुर में विद्युत संविदा कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। मंगलवार को एकदिवसीय सत्याग्रह के दौरान कर्मचारियों ने सरकार और पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिमांचल क्षेत्र में वर्टिकल व्यवस्था के नाम पर आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की लगातार छंटनी की जा रही है। संघ के जिलाध्यक्ष चौधरी गुलशन कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार ने आउटसोर्सिंग निगम का गठन किया है, लेकिन पावर कॉरपोरेशन में कार्यरत कर्मचारियों को इसमें समायोजित नहीं किया जा रहा है। इससे कर्मचारियों में भारी असंतोष है। उन्होंने कहा कि निगम में शामिल होने से कर्मचारियों को निर्धारित मानक वेतन, समय पर भुगतान और सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। चौधरी गुलशन कुमार ने आरोप लगाया कि वर्तमान में कर्मचारियों को ठेकेदार कंपनियों के माध्यम से भुगतान किया जाता है, जिससे वेतन में देरी और अनियमितता होती है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग निगम के तहत सीधे भुगतान से पारदर्शिता बढ़ेगी और कर्मचारियों का शोषण रुकेगा। निगम के अंतर्गत नियमावली बनने से सेवा स्थिरता भी सुनिश्चित हो सकेगी। संघ के अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि लगातार हो रही छंटनी से कर्मचारियों में असुरक्षा का माहौल है। उन्होंने सरकार से जल्द ठोस निर्णय लेने की अपील की। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संघ ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। इसके तहत 4 मई 2026 को प्रदेश के सभी जनपदों में एकदिवसीय पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। यदि इसके बाद भी समाधान नहीं होता है, तो अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया जाएगा। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेगी और जल्द समाधान निकालेगी, ताकि हजारों संविदा कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित हो सके।

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