सहारनपुर नगर निगम ने 7 पार्कों से हटाया अतिक्रमण:निजी ताले तोड़कर गेट खुलवाए, अब होगा सौंदर्यीकरण और हरियाली का विकास


सहारनपुर नगर निगम ने बुधवार दोपहर तीन बजे शहर के सार्वजनिक पार्कों को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान शुरू किया। नगरायुक्त शिपू गिरि के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान के पहले दिन विभिन्न वार्डों के 7 पार्कों को कब्जे से मुक्त कराया गया। इन पार्कों के गेट पर कुछ लोगों ने निजी ताले लगा रखे थे, जिससे आम नागरिकों को सुबह-शाम घूमने और बैठने की सुविधा नहीं मिल पा रही थी। नगर निगम कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर इन निजी तालों को हटवाया और पार्कों को आमजन के लिए खोल दिया। नगरायुक्त शिपू गिरि ने इस संबंध में कहा कि पार्क शहर के फेफड़े होते हैं। इन्हें अतिक्रमण मुक्त कर बच्चों, बुजुर्गों और आम नागरिकों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित मनोरंजन स्थल बनाना नगर निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह अभियान शहर के सभी वार्डों में चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। नगरायुक्त ने स्पष्ट किया कि पार्कों की जमीन पर किए गए अवैध निर्माण, निजी कब्जे, अस्थाई दुकानें, ठेले और अन्य प्रकार के अतिक्रमणों को चिन्हित कर तत्काल हटाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन लोगों ने पार्क की जमीन का निजी उपयोग किया है, उनके खिलाफ शिकायत मिलने पर कठोर और त्वरित कार्रवाई की जाएगी। अतिक्रमण हटाने के बाद इन पार्कों में वृक्षारोपण, हरियाली और नागरिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा।उद्यान प्रभारी डॉ. संदीप मिश्र ने जानकारी दी कि अभियान के पहले चरण में वार्ड-55 के संजय गांधी पार्क, महाराणा प्रताप पार्क, चंद्र नगर पार्क, प्रेम वाटिका पार्क और जेसी पार्क को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इसके अतिरिक्त, वार्ड-15 के बच्चा पार्क नवीन नगर और वार्ड-22 के धोबीघाट स्थित पार्क को भी कब्जे से मुक्त कराया गया है। नगर निगम के अनुसार, इन पार्कों के गेट पर कुछ व्यक्तियों ने निजी ताले डालकर कब्जा कर रखा था। कर्मचारियों ने सभी ताले तोड़कर पार्कों को सार्वजनिक उपयोग के लिए खुलवाया। इसके साथ ही, इन पार्कों के सौंदर्यीकरण और रखरखाव का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। नगरायुक्त ने सभी जोनल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के पार्कों का भौतिक सत्यापन कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। प्रवर्तन दल को पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान को तेज करने को कहा गया है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की है कि वे पार्कों की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को स्वयं हटा लें, ताकि कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।

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