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मिर्जापु में सेवा संकल्प अभियान के तहत शनिवार को जिला ग्रामोद्योग कार्यालय में उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड एवं उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के तत्वावधान में मंडल स्तरीय माटीकला पुरस्कार कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र के 15 प्रतिभागियों ने अपनी माटीकला प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर मिर्जापुर की श्रीमती पुष्पांजलि प्रजापति ने प्रथम, मिर्जापुर के श्री राम लखन प्रजापति ने द्वितीय और सोनभद्र के श्री राम अवध प्रजापति ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। नगर विधायक रत्नाकर मिश्र ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। प्रथम पुरस्कार के रूप में पुष्पांजलि प्रजापति को 15 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार विजेता राम लखन प्रजापति को 12 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार विजेता राम अवध प्रजापति को 10 हजार रुपये की धनराशि दी गई। तीनों विजेताओं को शील्ड और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में माटीकला शिल्पियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए पारंपरिक कला को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। विधायक ने कहा कि मिट्टी से बने पारंपरिक बर्तन और अन्य उत्पाद हमारी संस्कृति और स्थानीय कारीगरों की पहचान हैं। स्वदेशी उत्पादों, खादी और ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की टूलकिट वितरण योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में चयनित लाभार्थियों को पॉपकॉर्न मशीन का निःशुल्क वितरण किया गया। कार्यक्रम में जूट बैग भी वितरित किए गए। परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी/जिला ग्रामोद्योग अधिकारी अमितेश कुमार सिंह ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए विभाग की ओर से संचालित विभिन्न रोजगारपरक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने माटीकला से जुड़े शिल्पियों को योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी कला और व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर जिला ग्रामोद्योग अधिकारी सोनभद्र गौतम त्रिपाठी, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी भदोही राजेश कुमार सिंह, पवन कुमार, महेश कुमार, माटीकला विशेषज्ञ प्रतिभा पांडेय, राम सजीवन दुबे, जवाहर सिंह सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, लाभार्थी और गणमान्यजन मौजूद रहे।
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मिर्जापुर में माटीकला प्रतियोगिता के विजेताओं को मिला का पुरस्कार:पुष्पांजलि प्रजापति प्रथम, राम लखन द्वितीय और राम अवध तृतीय रहे