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गोरखपुर में एक पुराने चुनावी मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्ञानेंद्र कुमार ने सांसद राम भुआल निषाद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। साथ ही, उन्होंने पुलिस को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत आगे की कार्रवाई करने का आदेश दिया है। जानिए क्या है मामला यह पूरा मामला साल 2019 के लोकसभा चुनाव से जुड़ा है। आरोप है कि चुनाव के दौरान राम भुआल निषाद ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ मिलकर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया था। इसी आरोप में 2 मई 2019 को पिपराइच थाने में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। अदालत के मुताबिक, इस मामले में पहले भी कई बार आदेश जारी किए गए थे, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने उन्हें सही तरीके से लागू नहीं किया। यानी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में साफ कहा कि यह मामला सांसद या विधायक से जुड़ा है। इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाना चाहिए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक अहम फैसले ‘अश्विनी कुमार उपाध्याय बनाम भारत संघ’ का हवाला भी दिया। इस फैसले में निर्देश दिया गया है कि जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों की सुनवाई तेजी से की जाए। पुलिस को निर्देश दिए गए अदालत ने गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और संबंधित थाना प्रभारी को निर्देश दिया है कि:
यह मामला अब तेज़ी से आगे बढ़ सकता है और आने वाले समय में इसमें और कानूनी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
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सपा सांसद के खिलाफ कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट:राम भुआल निषाद पर है 2019 चुनाव में आचार संहिता उल्लंघन का मामला