सपा विधायक इकबाल महमूद डीएम-एसपी से मिले:संभल के कसेरुआ मस्जिद वक्फ बोर्ड में इंद्राज, कागजात दिखाने का दावा किया


संभल में मस्जिद मुस्तफा कादरी पर प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई के बाद समाजवादी पार्टी के सांसद और विधायकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सांसद जियाउर्रहमान बर्क और विधायक पिंकी यादव के बाद अब विधायक इक़बाल महमूद ने भी इस मुद्दे पर वक्फ बोर्ड में मस्जिद के इंद्राज होने की बात कही है। मंगलवार को संभल के सपा विधायक इक़बाल महमूद और गन्नौर की विधायक राम खिलाड़ी यादव ने युवा नेता सुहैल इक़बाल के साथ जिला मुख्यालय बहजोई पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई से अलग-अलग मुलाकात की। विधायक इक़बाल महमूद ने अधिकारियों से थाना नखासा क्षेत्र के गांव कसेरुआ स्थित मस्जिद गिराने के संबंध में बात की। उन्होंने कहा कि यह मस्जिद वक्फ बोर्ड में इंद्राज थी, इसके बावजूद की गई कार्रवाई उचित नहीं है। विधायक इक़बाल महमूद ने जोर देकर कहा कि कसेरुआ की मस्जिद वक्फ बोर्ड में दर्ज है और उसके कागजात भी अधिकारियों को दिखाए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने इन कागजातों को ‘ओवरलुक’ कर दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि अधिकारियों ने इस मामले में आगे सुनवाई करने का आश्वासन दिया है। संभल में कब्रिस्तान की 120 वर्गमीटर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाई मस्जिद मुस्तफ़ा कादरी को बीते शनिवार एवं रविवार दो दिन में पोकलेन, दो बुलडोजर एवं दो हाइड्रो मशीन से तोड़ दिया गया है। आपको बता दें कि तहसीलदार न्यायालय ने बीती 21 अप्रैल को मस्जिद कमेटी के खिलाफ बेदखली का आदेश पारित किया था। रविवार को सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने आरोप लगाया कि जिस मस्जिद को गिराया गया, वह करीब 150 साल पुरानी थी और वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज थी। उनका दावा है कि मस्जिद 1984 से वक्फ रिकॉर्ड में दर्ज है तथा 1995 के उत्तर प्रदेश गजट में भी उसका उल्लेख मौजूद है। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्ति से जुड़े विवादों की सुनवाई का अधिकार केवल वक्फ ट्रिब्यूनल को है, न कि तहसीलदार, एसडीएम, डीएम या किसी अन्य प्रशासनिक अधिकारी को है।

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