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अखिलेश यादव के एक बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा विधायक गणेश चौहान ने उन्हें ‘दलित विरोधी’ बताया। चौहान ने कहा कि अखिलेश को एक गरीब के बेटे का विधायक बनना रास नहीं आ रहा है। इस विवाद की शुरुआत संतकबीरनगर जिले के धनघटा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक गणेश चौहान के एक कार्यक्रम से हुई थी। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के एक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव और राहुल गांधी की जोड़ी को ‘बदकिस्मत’ करार दिया था। चौहान ने दावा किया था कि यह जोड़ी जिसके भी साथ खड़ी होती है, उसे ‘ले डूबती’ है। जिस पर लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पत्रकार के सवाल पर विधायक गणेश के इन तीखे हमलों पर अखिलेश यादव ने भी पलटवार किया था। पत्रकारों के सवाल पर अखिलेश ने चुटीले अंदाज में कहा था कि “हम दोनों (राहुल और अखिलेश) मिलकर इस बार इन्हें ही डुबो देंगे।” उन्होंने विश्वास जताया था कि ‘PDA’ की हवा चली तो उनकी जमानत तक जब्त हो जाएगी। विधायक चौहान ने अखिलेश यादव के बयान पर उनके राजनीतिक विरासत पर भी सवाल उठाए, उन्होंने कहा कि यदि उनके नाम के साथ मुलायम सिंह यादव का नाम न होता, तो वह प्रधान या बीडीसी तक का चुनाव नहीं जीत पाते। उन्होंने सपा के ‘PDA’ नारे को ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ बताते हुए आरोप लगाया कि यह गठबंधन केवल पिछड़ों और दलितों का शोषण करने के लिए है। भाजपा विधायक गणेश चौहान ने कहा, अखिलेश यादव और राहुल गांधी हमेशा दलितों और पिछड़ों को डुबोते ही आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दलित कभी उनकी निगाह में नहीं रहे। चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आशीर्वाद से एक दलित, मजदूर और राजगिरी का बेटा सदन में विधायक बन गया है, जो अखिलेश यादव को रास नहीं आ रहा है। विधायक गणेश चौहान ने अखिलेश यादव के चैलेंज को स्वीकार करते हुए कहा कि आकर वे मेरे विधानसभा से चुनाव लड़ लें, उनको पता चल जाएगा, धनघटा की जनता ने एक सेवक चुना है, पूरी जनता गणेश के साथ है। मेरे साथ सबका साथ सबका विकास जैसी विचारधारा है।
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सपा मुखिया पर BJP विधायक गणेश का पलटवार:अखिलेश यादव दलित विरोधी हैं, उन्हें गरीब का बेटा विधायक बना रास नहीं आ रहा