सपा जिलाध्यक्ष समेत 35 पर FIR:जालौन में बिना अनुमति जुलूस निकालने और हंगामा करने का आरोप, कार्यकर्ता बोले- अनुमति ली थी


जालौन में बिना अनुमति जुलूस निकालने, धरना-प्रदर्शन करने, सड़क जाम करने तथा कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी और हंगामा करने के आरोप में पुलिस ने समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर समेत 35 नामजद और करीब 200 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह एफआईआर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर उरई कोतवाली में दर्ज की गई है। बिना अनुमति निकाला गया जुलूस, पुलिस ने लगाया आरोप जेल चौकी प्रभारी विवेक कुमार मिश्रा की ओर से दी गई तहरीर के अनुसार सोमवार को समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सपा कार्यालय, उरई में एकत्र हुए। इसके बाद सभी लोग बिना प्रशासनिक अनुमति के सड़क पर उतर आए और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, गैस सिलेंडर के दाम, बिजली बिल में वृद्धि तथा नीट परीक्षा पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए जुलूस निकालने लगे। सड़क जाम होने से यातायात प्रभावित आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पूरे मार्ग को घेर लिया, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। इस दौरान एंबुलेंस समेत अन्य आपातकालीन वाहनों और आम राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों को कई बार समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे नहीं माने और नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंच गए। कलेक्ट्रेट में नारेबाजी, परीक्षार्थियों को भी हुई परेशानी तहरीर में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी और हंगामा किया, जिससे वहां मौजूद फरियादियों और आम लोगों को असुविधा हुई। पुलिस ने यह भी उल्लेख किया है कि उस समय जनपद में पुलिस भर्ती परीक्षा चल रही थी, जिसके कारण परीक्षार्थियों के आवागमन में भी बाधा उत्पन्न हुई। धारा 163 लागू होने के बावजूद प्रदर्शन पुलिस के अनुसार जनपद में पहले से ही धारा 163 बीएनएसएस लागू थी, जिसके तहत बिना अनुमति किसी प्रकार का धरना-प्रदर्शन या भीड़ जुटाना प्रतिबंधित था। इसके बावजूद प्रदर्शन किए जाने को कानून-व्यवस्था के उल्लंघन की श्रेणी में माना गया है। उरई कोतवाली में दर्ज एफआईआर में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर सहित कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को नामजद किया गया है, जबकि लगभग 200 अज्ञात महिला और पुरुष समर्थकों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। सपा बोली- पहले ही ले ली थी अनुमति इस कार्रवाई के बाद सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने जनता की समस्याओं को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई थी, जबकि पुलिस प्रशासन इसे कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला बता रहा है। इस मामले में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर ने कहा कि उन्होंने तीन दिन पहले ही सिटी मजिस्ट्रेट से जुलूस और प्रदर्शन की अनुमति ले ली थी। फिलहाल उन्हें मुकदमा दर्ज किए जाने की कोई जानकारी नहीं है। एसपी बोले- धारा 163 के उल्लंघन पर हुई कार्रवाई वहीं, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने कहा कि बिना अनुमति लंबा जुलूस निकालना धारा 163 का उल्लंघन है। इसी आधार पर कार्रवाई की गई है, क्योंकि उस समय जनपद में धारा 163 लागू थी।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *