'सपा-कांग्रेस ने देश की महिलाओं का अपमान किया':जन आक्रोश सम्मेलन में कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य ने कहा-अपमान का बदला लेंगी महिलाएं


संसद में विपक्ष के चलते महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो सका। इसको लेकर भाजपा ने सपा और कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आगरा में सोमवार को जन आक्रोश सम्मेलन आयोजित कर अगले चुनावों में सपा और कांग्रेस को सबक सिखाने का ऐलान किया। सम्मेलन की मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य ने कहा-सपा और कांग्रेस ने महिलाओं का अपमान किया हैं। वे इसका बदला लेंगी। पास नहीं हो पाया था बिल महिलाओं को 33 फीसद आरक्षण देने के लिए संसद में बिल पास नहीं हो सका था। संसद में दो दिन तक चली बहस के बाद 17 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। इसके पक्ष में 298, जबकि विपक्ष में 230 वोट पड़े थे। संविधान संशोधन विधेयक होने के कारण इसे पारित होने के लिए 352 सदस्यों का समर्थन चाहिए था, मगर सरकार यह संख्या नहीं हासिल कर पाई थी।
भाजपा ने इस बिल के पास न होने पर सपा और कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया था। इसके लेकर भाजपा न सिर्फ पदयात्राएं निकाल रही है बल्कि सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है। सपा-कांग्रेस रहे निशाने पर सोमवार को आगरा के आरबीएस डिग्री कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित जन आक्रोश सम्मेलन में कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य ने सपा-कांग्रेस के खिलाफ हमला बोला।
उन्होंने कहा-सपा और कांग्रेस ने संसद में महिला आरक्षण अधिनियम पास नहीं होने दिया। इसी के विरोध में जन आक्रोश सम्मेलन हो रहा है। महिलाओं में सपा और कांग्रेस के प्रति आक्रोश है। महिलाओं ने मन बना लिया है कि वे ऐसी पार्टियों का सपोर्ट नहीं करेंगी, जो महिलाओं के हक का विरोध करती हैं। महिलाएं देश की तरक्की में दे रहीं योगदान
विपक्ष ने इस बिल का ही विरोध नहीं किया है, उन्होंने देश की सभी महिलाओं का अपमान किया है। 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव और 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव में महिलाएं इसका बदला लेंगी। ये परिवारवादी पार्टियां हैं। ये नहीं चाहते हैं कि महिलाएं आगे बढ़ें। ये नहीं चाहते है कि महिलाएं देश की तरक्की में अपना योगदान दें। मगर, महिलाओं की बात को अब दबाया नहीं जा सकता। महिलाओं की बात को गिराया नहीं जा सकता। महिलाएं अपनी भागीदारी लेकर रहेंगी। अपने अपमान का बदला लेंगी।
महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, ऐसे में उनको आरक्षण क्यों नहीं मिलना चाहिए?

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