संभल में 5 घंटे की बारिश से शहर जलमग्न, VIDEO:जिला अस्पताल, रोडवेज बस अड्डे समेत 6 मोहल्लों में घुटनों तक पानी भरा


संभल में लगातार दूसरे दिन हुई बारिश के बाद रविवार को शहर जलमग्न हो गया। करीब पांच घंटे हुई बारिश से जिला संयुक्त चिकित्सालय, रोडवेज बस अड्डा और नगर पालिका परिषद परिसर में पानी भर गया। अस्पताल पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। 11:20 बजे शुरू हुई बारिश, शाम तक कई इलाकों में जलभराव रविवार सुबह 11:20 बजे से शुरू हुई बारिश शाम करीब 6 बजे तक जारी रही। लगातार बारिश के कारण देहली दरवाजा, हातिम सराय, हौज भदेसराय, महमूद खां सराय, बेगम सराय, दीपा सराय और हिंदूपुरा खेड़ा समेत कई इलाकों में एक फीट से लेकर घुटनों तक पानी भर गया। हर बार की तरह इस बार भी जिला संयुक्त चिकित्सालय और रोडवेज बस अड्डा जलभराव की चपेट में आ गए। बारिश के कारण शहर की कई सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ। पंप सेट लगाने के बाद भी नहीं सुधरी जल निकासी स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछली बारिश के बाद नगर पालिका ईओ आदित्य प्रकाश ने कई स्थानों पर पंप सेट लगवाए थे। इसके बावजूद जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। बारिश होते ही शहर के कई इलाकों में पानी भरने की समस्या बनी हुई है। स्थानीय निवासी बोले- 400 से 500 मकान प्रभावित देहली दरवाजा निवासी फिरोज ने बताया कि जलभराव के बाद सीवर का पानी फैल जाता है। उन्होंने कहा कि इलाके में जलभराव की समस्या काफी समय से है और इस बार भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। फिरोज के मुताबिक, आने-जाने वालों के लिए कई तरह के खतरे बने हुए हैं। करीब 400 से 500 मकान जलभराव से प्रभावित हैं। उन्होंने जलभराव के लिए घटिया निर्माण को भी जिम्मेदार बताया। उन्होंने बताया कि वह देहली दरवाजा मोहल्ले के भूरे शाह मजार रोड की बात कर रहे हैं। इस मार्ग पर सरकारी अस्पताल, सिविल अस्पताल और एक हॉस्टल भी स्थित है। बोले- नालियों की सफाई होती तो नहीं होती परेशानी आलम सराय निवासी प्रदीप सैनी ने बताया कि बारिश होते ही शहर में जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है। सरकारी अस्पताल और रोडवेज बस अड्डा भी पानी से भर जाते हैं। उन्होंने कहा कि संभल की सड़कों और नालियों की स्थिति भी खराब है। अगर नालियों की नियमित और सही तरीके से सफाई होती तो जलभराव की समस्या इतनी गंभीर नहीं होती।

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