श्री कृष्ण जन्मस्थान के सचिव ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र:दिनेश फलाहारी की ओर से लगाए आरोपों की जांच की मांग


श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर उठे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों की सक्षम प्राधिकारी से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला दरअसल, श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा फलाहारी ने हाल ही में श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर में चढ़ावे, दान और आभूषणों में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। उन्होंने संस्थान के सचिव कपिल शर्मा पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मामले की CBI जांच कराने की मांग की थी। फलाहारी ने आरोप लगाया था कि मंदिर में दान और चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता नहीं है। उन्होंने फूल बंगला और 56 भोग जैसी सेवाओं के नाम पर भारी कमीशन वसूले जाने का भी दावा किया था। साथ ही उत्तराखंड में कीमती जमीन खरीदने जैसे आरोप भी लगाए थे। कपिल शर्मा बोले- आरोप पूरी तरह निराधार मीडिया से बातचीत में कपिल शर्मा ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप मनगढ़ंत, तथ्यहीन और मिथ्या हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि वास्तविकता सामने आ सके। कपिल शर्मा ने कहा कि वे पिछले 27 वर्षों से श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान से जुड़े हुए हैं और इस दौरान उन्होंने कभी वेतन, मानदेय, यात्रा भत्ता या अन्य कोई सुविधा नहीं ली। उन्होंने दावा किया कि संस्थान से जुड़े कार्यों के लिए होने वाला खर्च भी वह अपनी निजी आय से वहन करते हैं। फलाहारी पर भी लगाए गंभीर आरोप कपिल शर्मा ने दिनेश शर्मा फलाहारी पर भी कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि फलाहारी पूर्व में समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे हैं और विधानसभा चुनाव लड़ने की कोशिश कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि फलाहारी के खिलाफ ठगी, चोरी और आपराधिक षड्यंत्र समेत कई मामले दर्ज हैं, जिनमें से कुछ में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। ‘सरकारी सुरक्षा के लिए करते हैं बयानबाजी’ मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कपिल शर्मा ने आरोप लगाया कि दिनेश शर्मा फलाहारी सरकारी सुरक्षा हासिल करने के उद्देश्य से विवादित बयान देते रहते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी ऐसे बयान देकर सामाजिक माहौल प्रभावित करने का प्रयास किया गया था। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि फलाहारी ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट के नाम से मिलता-जुलता एक अलग ट्रस्ट बनाकर श्रद्धालुओं को भ्रमित करने का प्रयास किया है। अब इस पूरे मामले में सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियां जांच की मांग पर क्या निर्णय लेती हैं।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *