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देवरिया के सुरौली गांव निवासी शिवानंद चौरसिया की ओमान तट के निकट एक भारतीय ऑयल कंटेनर पोत पर हुए हमले में मौत हो गई है। उनके पार्थिव शरीर की शीघ्र वापसी और परिजनों को आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। एकता सेवा समिति और पूर्वांचल चौरसिया महासभा के सदस्यों ने यह ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया है कि शिवानंद चौरसिया कई महीनों से समुद्री जहाज पर कार्यरत थे और अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनकी आकस्मिक मृत्यु से परिवार गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट में आ गया है। संगठनों ने मांग की है कि मृतक का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द परिजनों को सौंपा जाए ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके। इसके अतिरिक्त, पीड़ित परिवार के लिए विशेष आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा माता-पिता, पत्नी और दो नाबालिग बच्चों के भरण-पोषण एवं शिक्षा के लिए कम से कम एक करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की जाए। ज्ञापन सौंपने वाले पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान में परिवार के सामने जीविकोपार्जन का कोई साधन नहीं है, इसलिए सरकार को तत्काल राहत उपलब्ध करानी चाहिए। ज्ञापन सौंपने वालों में भीमराज चौरसिया, गोविंद चौरसिया, सचिन कुमार चौरसिया, मुकेश कुमार चौरसिया, सुधीर कुमार चौरसिया, मुन्ना चौरसिया, रमेश चौरसिया, अजय चौरसिया, धर्मेंद्र चौरसिया और रामानंद चौरसिया सहित कई सदस्य शामिल थे।
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शिवानंद चौरसिया की मौत, आर्थिक मदद की मांग:देवरिया में एकता सेवा समिति और पूर्वांचल चौरसिया महासभा ने पीएम के नाम ज्ञापन सौंपा