शास्त्रीनगर में धरने पर बैठी महिलाएं जनप्रतिनिधियों से नाराज़:बोलीं- बेघर हो रहे हैं लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कोई हाल पूछने तक नहीं आया


सेंट्रल मार्केट में महिलाओं का धरना रविवार को 108वें दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठीं महिलाओं ने आरोप लगाया कि 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी अब तक कोई जनप्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं आया। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उनसे मुलाकात कर बातचीत की थी, लेकिन इसके बाद किसी जनप्रतिनिधि ने उनकी समस्याएं जानने या उनका हालचाल लेने की जरूरत नहीं समझी। धरने पर बैठीं प्रीति ने कहा कि उन्हें धरने पर बैठे तीन महीने हो चुके हैं। इस दौरान वे कई जनप्रतिनिधियों से मिल चुकी हैं और उन्हें सरकार पर भरोसा है कि उनके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी सरकार की ओर से कोशिश हुई थी, लेकिन 14 जुलाई की सुनवाई के बाद केवल मुख्यमंत्री के सलाहकार ही मिलने आए। इसके बाद किसी जनप्रतिनिधि ने धरनास्थल पर आकर बुजुर्ग माताओं और बहनों का हाल तक नहीं पूछा। प्रीति ने कहा कि धरने पर मौजूद कई बुजुर्ग महिलाएं इस बात से आहत हैं कि इतने बड़े संकट के समय कोई उनको सांत्वना देने तक नहीं आया। वर्षों पुराने मकानों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लोग बहुत परेशान हैं, लेकिन उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं है। धरने पर बैठी एक अन्य महिला ने कहा कि वे अपने ही घरों से बेघर होने की स्थिति में पहुंच गई हैं। उनके पास रहने का कोई दूसरा साधन नहीं है और बुजुर्ग अवस्था में वे आखिर कहां जाएं। उन्होंने कहा कि इतने दिन बीत जाने के बावजूद कोई जनप्रतिनिधि यह जानने तक नहीं आया कि वे किस परिस्थिति में धरने पर बैठे हैं और कैसे जीवन गुजार रहे हैं। महिलाओं ने मांग की कि जनप्रतिनिधि धरनास्थल पर पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनें और उनके पुनर्वास व भविष्य को लेकर ठोस समाधान निकालें। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पूरी नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।

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