भगवा और आतंकवादी पोस्ट डालने वाले गिरफ्तारी पर रोक:'भगवा रंग में सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त आतंकवादी' वाली पोस्ट करने वाले को राहत


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फेसबुक पर कथित रूप से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट साझा करने के आरोपी एक व्यक्ति की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई है। आरोपी का कहना था कि संबंधित पोस्ट उसने नहीं की थी, बल्कि उसका सोशल मीडिया खाता हैक कर लिया गया था।
जस्टिस अजय भनोट और जस्टिस दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता मुशाहिद गड़ा को अंतरिम राहत देते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। मामला सहारनपुर में पिछले वर्ष जुलाई में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। याचिकाकर्ता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। जानिये एफआईआर में क्या एफआईआर के अनुसार फेसबुक पर कथित रूप से एक पोस्ट साझा की गई, जिसमें लिखा गया कि “आतंकवादियों को भोले भी कह सकते हैं। भगवा रंग में सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त आतंकियों ने चारों तरफ हाहाकार मचा रखा है। अल्लाहु अकबर की तो अंधभक्ति की।” पुलिस का आरोप है कि इस पोस्ट से दो समुदायों के बीच तनाव और टकराव की आशंका पैदा हो गई। याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट में कहा गया कि विवादित पोस्ट उसने अपलोड नहीं की थी। उसका सोशल मीडिया खाता हैक हो गया था और वह पुलिस जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार है। राज्य सरकार ने विरोध जताया वहीं, राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि यह पोस्ट सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने वाली है और इससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। मामले पर विचार की आवश्यकता मानते हुए हाईकोर्ट ने प्राइवेट पक्षकार को नोटिस जारी किया और राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक या पुलिस द्वारा अंतिम रिपोर्ट दाखिल किए जाने तक, जो भी पहले हो, याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी पर रोक रहेगी। जांच में सहयोग करें, पुलिस बुलाए तो जाएं हालांकि, हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि याची को जांच में पूरा सहयोग करना होगा और पुलिस द्वारा बुलाए जाने पर अपना बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित होना होगा। अदालत ने यह भी चेतावनी दी कि यदि याचिकाकर्ता पुलिस के समक्ष निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं होता है, तो उसे दी गई अंतरिम सुरक्षा स्वतः समाप्त हो जाएगी और इसके बाद पुलिस कानून के अनुसार उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगी।

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