वाराणसी का LBS अस्पताल प्रदेश में छठवें स्थान पर:फरवरी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया था अस्पतालों का निरीक्षण, प्रदेश में वाराणसी पांचवें स्थान पर


राज्य सरकार की ओर से फरवरी में कराए गए निरीक्षण में वाराणसी मंडल के स्वास्थ्य केंद्रों का प्रदर्शन प्रदेश स्तर पर बेहतर रहा। मंडल के तीन जनपदों ने प्रदेश की रैंकिंग में स्थान बनाकर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का प्रमाण दिया है। चंदौली जनपद ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि वाराणसी पांचवें और जौनपुर दसवें स्थान पर रहा। वाराणसी के रामनगर में स्थित लाल बहादुर शास्त्री जिला राजकीय चिकित्सालय प्रदेश में छठवें स्थान पर आया। वाराणसी मंडल के अपर निदेशक, स्वास्थ्य डॉ. एनडी शर्मा ने बताया कि, 21 से 23 फरवरी के बीच स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मंडल के अस्पतालों और स्वास्थ्य इकाइयों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाएं, चिकित्सकों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई, मानव संसाधन और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं का मूल्यांकन किया गया था। चंदौली प्रदेश में पहले स्थान पर चंदौली जिले में कुल 328 स्वास्थ्य इकाइयों में से 158 इकाइयों का निरीक्षण किया गया थ। इनमें 4 सीएचसी, 25 पीएचसी, 3 यूपीएचसी और 126 आयुष्मान आरोग्य मंदिर शामिल रहे। जिले को कुल 135 संकेतकों में से 15 संकेतकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन का लाभ मिला, जिसके चलते प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त हुआ। इसी प्रकार वाराणसी जिले की 629 स्वास्थ्य इकाइयों में से 270 इकाइयों का निरीक्षण हुआ। इनमें मेडिकल कॉलेज, सीएचसी, पीएचसी और आयुष्मान आरोग्य मंदिर शामिल रहे। जिले ने 137 संकेतकों में से 25 संकेतकों पर 15 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया। जौनपुर का स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में 10वें स्थान पर जौनपुर जिले में 768 स्वास्थ्य इकाइयों में से 420 इकाइयों का मूल्यांकन किया गया। निरीक्षण के दौरान जिले को 131 संकेतकों में से 22 संकेतकों पर 17 प्रतिशत से कम अंक मिलने के कारण कुछ कमियां पाई गईं, फिर भी जनपद प्रदेश में दसवें स्थान पर पहुंचने में सफल रहा। निरीक्षण रिपोर्ट में अस्पतालों की आधारभूत सुविधाओं, इंडेंट के सापेक्ष दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सालय संचालन व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं को प्रमुख आधार बनाया गया। अपर निदेशक डॉ. एनडी शर्मा ने बताया कि जिन संकेतकों पर कम अंक प्राप्त हुए हैं, उनमें सुधार के लिए मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

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