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मेरठ के लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र के आमिर गार्डन में मंगलवार सुबह तेज बारिश के बीच एक मकान की छत अचानक भरभराकर नीचे आ गिरी। हादसे के समय मकान के अंदर मौजूद 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला मलबे में दब गई। आसपास के लोगों ने आनन-फानन में मलबा हटाकर महिला को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हादसे में मृतका की नातिन 35 वर्षीय नाजमा भी मामूली रूप से चोटिल हुई है। एहतियात के तौर पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा मंगलवार सुबह करीब 10:00 बजे हुआ। आमिर गार्डन इलाके में नासिर के मकान में अचानक तेज आवाज के साथ एक कमरे की छत भरभराकर नीचे आ गिरी। बताया गया है कि नासिर मृतका जैतून का दामाद है। छत गिरने के समय मकान के अंदर जैतून और उसकी नातिन नाजमा मौजूद थीं। छत का मलबा सीधे जैतून के ऊपर जा गिरा और वह उसमें दब गईं। नातिन नाजमा भी हादसे की चपेट में आकर घायल हो गई। धमाके की आवाज सुनकर दौड़े लोग छत गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के घरों में मौजूद लोग घबरा गए। धमाके जैसी आवाज सुनते ही लोग अपने घरों से बाहर निकले और जैतून के मकान की ओर दौड़ पड़े। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने बिना समय गंवाए मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया। काफी मशक्कत के बाद बुजुर्ग महिला को मलबे से बाहर निकाला गया। करीब एक घंटे बाद पुलिस को सूचना दी गई। दूसरे कमरे में था नासिर का परिवार
नासिर का यह मकान लगभग 15 साल पहले बना था और तभी से कच्चा है। उसके साथ उसकी पत्नी शाहजहां और आठ बच्चे रहते हैं। पति मजीद की मौत के बाद से शाहजहां की मां जैतून कंकरखेड़ा में रह रही थी लेकिन बाद में नासिर ने अपने यहां बुला लिया। हादसे में घायल नाजमा की शादी अब्दुल्लापुर के शाहिद से हुई है। शाहिद बाहर काम करता है, इसलिए नाजमा यहां रह रही थी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ा दम
स्थानीय लोगों की मदद से दोनों महिलाओं को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, चिकित्सकों ने 80 वर्षीय जैतून को मृत घोषित कर दिया। उनकी बेटी को मामूली चोटें आई हैं। एहतियात के तौर पर उसे अस्पताल में रखा गया है, ताकि उसकी हालत पर नजर रखी जा सके। हादसे में अन्य किसी व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। दो कमरों का मकान, एक की छत गिरी
हादसे की सूचना मिलते ही लिसाड़ीगेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने मकान का निरीक्षण करने के साथ ही आसपास के लोगों से भी जानकारी ली। CO कोतवाली संग्राम सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया तेज बारिश के कारण मकान की छत गिरने की बात सामने आई है। मकान में दो कमरे बने हुए हैं, जिनमें से एक कमरे की छत हादसे में नीचे आ गिरी। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बारिश में जर्जर मकानों पर मंडरा रहा खतरा
तेज बारिश के दौरान पुराने और कमजोर मकानों की छत गिरने की घटनाओं ने एक बार फिर खतरे की ओर इशारा किया है। आमिर गार्डन में हुए इस हादसे के बाद आसपास के लोगों में भी दहशत फैल गई। लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के चलते पुराने मकानों की छतों और दीवारों पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में जर्जर मकानों को लेकर प्रशासन को भी सतर्कता बरतने की जरूरत है।
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लिसाड़ीगेट में मकान गिरा, मलबे में दबकर महिला की मौत:बारिश से हुआ हादसा, आमिर गार्डन में हादसे के वक्त घर में मौजूद थीं मां-बेटी