![]()
लखनऊ के महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में सोमवार को हिंदी दिवस के अवसर पर काव्य पाठ प्रतियोगिता हुई। महर्षि स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज ने आईक्यूएसी के सहयोग से विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में प्रतियोगिता कराई। इसका विषय काव्य सृजन: परंपरा से आधुनिकता की ओर रखा गया। इस मौके पर विद्यार्थियों ने कबीरदास, तुलसीदास, सूरदास, रामधारी सिंह दिनकर और हरिवंश राय बच्चन समेत प्रमुख कवियों की रचनाओं का पाठ किया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए हिंदी कविता की परंपरा, भाव और आधुनिक सोच को सामने रखा। हिंदी को राष्ट्रीय विरासत का प्रतीक कुलपति प्रो. भानु प्रताप सिंह ने हिंदी के ऐतिहासिक महत्व और डिजिटल युग में इसकी बदलती भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से परंपरा और आधुनिकता के मेल से नई रचनाएं तैयार करने की बात कही। कुलाधिपति अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने हिंदी को राष्ट्रीय अस्मिता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से रोजमर्रा के जीवन में हिंदी का अधिक इस्तेमाल करने की अपील की। दो श्रेणियों में हुई प्रतियोगिता कुलसचिव डॉ. गिरीश छिमवाल और उप कुलसचिव डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता दो श्रेणियों में हुई। पारंपरिक स्वरचित कविता में बीए पंचम सेमेस्टर की वंशिका प्रथम, बीएससी पंचम सेमेस्टर के विनीत मौर्य द्वितीय और बीबीए तृतीय सेमेस्टर के अनुभव पांडे तृतीय रहे। आधुनिक अभिव्यक्ति – मौखिक काव्य एवं लयात्मक वाचन में बीबीए तृतीय सेमेस्टर के वैभव श्रीवास्तव प्रथम, बी.फार्मा प्रथम सेमेस्टर की सांभवी द्वितीय और बीए एलएलबी प्रथम सेमेस्टर की जिया सिंह तृतीय रहीं। समन्वयक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन कंठस्थता, उच्चारण, भावाभिव्यक्ति, लय-ताल और मौलिकता के आधार पर किया। विद्यार्थियों के काव्य-पाठ पर सभागार में मौजूद श्रोताओं ने खूब तालियां बजाईं।
Source link
लखनऊ में हिंदी दिवस पर काव्य पाठ:महर्षि यूनिवर्सिटी में परंपरा से आधुनिकता विषय पर प्रतियोगिता, कुलपति ने बताया हिंदी का महत्व