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लखनऊ में लेखा परीक्षा विभाग उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के सहयोग से एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर स्थित मालवीय सभागार में लोक संस्कृति की समृद्ध परंपरा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित हुआ। मुनाल के कलाकारों ने विक्रम बिष्ट के संयोजन और निर्देशन में रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का शुभारंभ वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर विभाग के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। संयुक्त निदेशक नीरज कुमार गुप्ता ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। यशभारती ऋचा जोशी ने सरस्वती वंदना की समारोह की शुरुआत भरतनाट्यम शैली में गणेश वंदना से हुई, जिसने आध्यात्मिक वातावरण निर्मित किया। इसके बाद विभा नौटियाल के निर्देशन में कृष्ण लीला और अवधी लोक नृत्य की प्रस्तुतियां दी गईं। लोक गायिका यशभारती ऋचा जोशी ने सरस्वती वंदना, अभिनंदन गीत और बधाई गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।दमयंती नेगी, विनोद रावत, अनीता नेगी और विनीता नेगी ने ‘झूमेलो’ नृत्य के माध्यम से गढ़वाली लोक संस्कृति की झलक प्रस्तुत की, जिसकी सराहना की गई। नृत्य नाटिका ने दर्शकों को भावुक कर दिया संगत में ललित भट्ट, अनिल गुड़िया और मोहन बिष्ट ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। अनुपम श्रीवास्तव के निर्देशन में प्रस्तुत ‘राम आएंगे’ नृत्य नाटिका ने दर्शकों को भावुक कर खूब तालियां बटोरीं।कार्यक्रम का संचालन खलील खान और डॉ. मानसी बिष्ट ने किया। इस अवसर पर निर्देशक अनिल कुमार सोनी, शिप्रा सिंह, देवेंद्र कुमार, आशीष वाष्र्णेय और विनोद बंसल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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लखनऊ में लोक संस्कृति को मिला मंच:लेखा परीक्षा विभाग ने शताब्दी वर्ष पर कार्यक्रम किया