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लखनऊ में महान स्वतंत्रता सेनानी राजा महेंद्र प्रताप की पुण्यतिथि पर उनकी विरासत पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन किया गया। गोमती नगर स्थित शीरोज़ हैंगआउट में आयोजित इस गरिमामय समारोह में इतिहास, शिक्षा और समाज से जुड़े कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे। डॉ. तूलिका रानी और प्रो. मधु राजपूत द्वारा सह-लिखित पुस्तक ‘राजा महेंद्र प्रताप: एन अनडिस्कवर्ड लेगेसी’ का अनावरण मुख्य अतिथि मेजर जनरल हेमंत कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर शालिनी सिंह, कुमकुम सिंह, प्रो. रंजना मिश्रा, कर्नल संजय त्रिपाठी, शिवम शुक्ल और दुर्गेश त्रिपाठी सहित कई विशिष्ट अतिथि मौजूद थे। नई दिल्ली से प्राप्त ऐतिहासिक दस्तावेजों पर आधारित समारोह में बड़ी संख्या में शोधार्थी और शिक्षाविद शामिल हुए। डॉ. राजेश कुमार श्रीवास्तव, डॉ. बी.एन. गुप्ता और डॉ. शीतल कुमारी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बनाया।यह पुस्तक राष्ट्रीय अभिलेखागार, नई दिल्ली से प्राप्त ऐतिहासिक दस्तावेजों पर आधारित है। इसमें राजा महेंद्र प्रताप के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ पत्राचार, उनके लेख, पत्रिकाएं और उस दौर की खबरें विस्तार से शामिल की गई हैं। विश्व शांति जैसे योगदान को विस्तार से बताया गया पुस्तक में राजा महेंद्र प्रताप के शिक्षा, स्वतंत्रता संग्राम, समाज सेवा और विश्व शांति जैसे क्षेत्रों में दिए गए योगदान को विस्तार से बताया गया है। इसमें ‘वर्ल्ड फेडरेशन’ की उनकी सोच को आज के वैश्विक परिप्रेक्ष्य में बेहद प्रासंगिक बताया गया है। यह किताब उन अनसुने नायकों को सामने लाने का प्रयास करती है, जिनके साथ इतिहास ने पूरा न्याय नहीं किया। आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा मुख्य अतिथि मेजर जनरल हेमंत कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यह पुस्तक शोधकर्ताओं और इतिहासकारों के लिए नई दिशा तय करेगी। डॉ. कुमकुम सिंह ने लेखकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। कार्यक्रम के अंत में डॉ. तूलिका रानी के कविता संग्रह ‘ए स्ट्रे क्लाउड’ का भी विमोचन किया गया, जिसने साहित्य और इतिहास के इस संगम को और खास बना दिया।
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लखनऊ में राजा महेंद्र प्रताप की पुस्तक का विमोचन:स्वतंत्रता सेनानी की अनदेखी विरासत पर हुईं चर्चा