संत की हत्या करने वाला बदमाश इजराइल मुठभेड़ में ढेर:उन्नाव में मंदिर में लाउडस्पीकर बजाने पर संत को चाकुओं से गोद दिया था


उन्नाव के बांगरमऊ कस्बे में संत राममिलन दास उर्फ बाबा मिलन दास की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस घटना में शामिल एक आरोपी को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। सोमवार भोर में बांगरमऊ पुलिस ने ताजपुर अंडरपास के पास हुई मुठभेड़ में इजराइल (36) पुत्र सकुर निवासी बांगरमऊ को ढेर कर दिया। मुठभेड़ के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच पड़ताल की। इससे पहले, पुलिस ने इस हत्याकांड के तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था। मृतक संत राममिलन दास (45) बांगरमऊ के घूरेटोला निवासी वीरेंद्र सिंह के छोटे भाई थे। वह अपने घर से लगभग 100 मीटर दूर स्थित अपनी जमीन पर एक मंदिर का निर्माण करा रहे थे। इसी स्थान पर रहकर वह पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियां करते थे। परिजनों के अनुसार, निर्माणाधीन मंदिर से कुछ दूरी पर एक मस्जिद भी स्थित है। आरोप है कि मंदिर निर्माण और लाउडस्पीकर पर होने वाले भजन-कीर्तन को लेकर कुछ लोगों में नाराजगी थी। इसी विवाद के चलते बीते मंगलवार दोपहर संत राममिलन दास को क्षेत्र के सभासद अतीक खां के अहाते में बुलाया गया, जहां उन पर चाकुओं से हमला कर दिया गया। हमलावरों ने उनकी पीठ और शरीर के कई हिस्सों पर ताबड़तोड़ वार किए थे। जान बचाने के लिए भागे, पीछा कर किए गए वार
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमले के बाद संत राममिलन दास जान बचाने के लिए अहाते के मुख्य गेट की ओर भागे, लेकिन हमलावरों ने उनका पीछा किया और लगातार चाकुओं से वार करते रहे। गंभीर रूप से घायल अवस्था में वह कुछ दूरी पर गिर गए, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
घायल संत को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांगरमऊ पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हत्या की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए।
पुलिस कार्रवाई: तीन आरोपी गिरफ्तार, एक मुठभेड़ में मारा गया
संत हत्याकांड में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस के अनुसार 11 जून को थाना बांगरमऊ पुलिस ने मोहम्मद शफी पुत्र जान मोहम्मद निवासी पूर्विया टोला, लल्ली उर्फ अजय गौतम पुत्र दुर्गादीन निवासी गुलाम मुस्तफा मोहल्ला और यामीन पुत्र जाबिर अली उर्फ फकीर निवासी पूर्विया टोला को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक जांच में इन आरोपियों की घटना में संलिप्तता सामने आई थी। तीनों को बांगरमऊ-बिल्हौर रोड स्थित कल्याणी नदी पुल के पास से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद सोमवार भोर पुलिस ने घटना में शामिल एक अन्य आरोपी के साथ मुठभेड़ की। पुलिस के अनुसार मुठभेड़ में आरोपी मारा गया। मौके पर पुलिस अधिकारियों ने पहुंचकर जांच की और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

पांच नामजद समेत अज्ञात के खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा
संत राममिलन दास की हत्या के मामले में उनके भाई वीरेंद्र सिंह ने थाना बांगरमऊ में तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों और दो से तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे में इजराइल पुत्र शकूर निवासी पूर्विया टोला, अजय गौतम उर्फ लल्ली, यामीन पुत्र जाबिर अली, शानू पुत्र मुन्ना कालिया और मोहम्मद शफी पुत्र जान मोहम्मद को नामजद किया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने मुकदमे में अन्य धाराओं की बढ़ोतरी भी की।

पहले भी संतों की हत्या से लोगों में नाराजगी-
बांगरमऊ में संत राममिलन दास की हत्या के बाद स्थानीय लोगों में पुरानी घटनाओं को लेकर भी नाराजगी दिखाई दी। लोगों ने बताया कि इससे पहले भी क्षेत्र में संतों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं हो चुकी हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार वर्ष 2013 में नगर के प्रसिद्ध बोधेश्वर मंदिर के सेवादार कल्लू पंडित निवासी जोगीकोट की हत्या कर दी गई थी। इस घटना में संत राममिलन दास भी घायल हुए थे। इसके अलावा कई वर्ष पहले माढ़ापुर मार्ग पर भी एक संत की हत्या की घटना सामने आई थी।

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