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लखनऊ के भातखंडे विश्वविद्यालय स्थित राय उमानाथ बली प्रेक्षा गृह में रविवार कों दो दिवसीय राष्ट्रीय धर्म ज्योतिष सम्मेलन में विशेषज्ञों ने ज्योतिष पर मंथन किया।समापन पर वैदिक ज्योतिष, प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी, वास्तु, अंक शास्त्र, टैरो रीडिंग, फेस रीडिंग, हस्तरेखा, एनर्जी हीलिंग, रेकी और अध्यात्म जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। मां अष्टभुजी राष्ट्रीय धर्म ज्योतिष केंद्र ने इस सम्मेलन का आयोजन किया था। दूसरे दिन विशेषज्ञों ने ज्योतिष की अलग-अलग विधाओं और उनके इस्तेमाल के बारे में अपने अनुभव बताए। उन्होंने इसमें शामिल लोगों के सवालों के जवाब भी दिए। अंक शास्त्र, टैरो, फेस रीडिंग, हस्तरेखा, वास्तु और हीलिंग साइंसेज पर खास बातचीत हुई। युवाओं कोआध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ना जरूरी समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि थे। उन्होंने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा से जुड़े आयोजनों की अहमियत बताई। पाठक ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम भारतीय परंपराओं और ज्ञान को नई पीढ़ी तक पहुंचाते हैं। युवाओं को धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ना जरूरी है। ज्योतिष की अलग-अलग विधाओं की जानकारी दी मुख्य आयोजक डॉ. रजनी अवस्थी ने बताया कि सम्मेलन का मकसद ज्योतिष को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा से जोड़ना है। युवाओं को ज्योतिष की अलग-अलग विधाओं की जानकारी और सही रास्ता दिखाने पर भी बात हुई। विशेषज्ञों ने अपने रिसर्च और अनुभव लोगों के साथ साझा किए । सम्मेलन में भरतनाट्यम और संगीत की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। कार्यक्रम का संचालन रतन शर्मा और गर्गी ने किया। इस आयोजन का संदेश था- ज्ञान से जागरण, धर्म से संस्कार, ज्योतिष से मार्गदर्शन और अध्यात्म से विश्व कल्याण। इस मौके पर समाजसेवी नम्रता पाठक, पूर्व एमएलसी अरविंद त्रिपाठी और एक्टर डायरेक्टर अखिलेश श्रीवास्तव समेत कई ज्योतिष विशेषज्ञ शामिल हुए ।
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लखनऊ में दो दिवसीय राष्ट्रीय धर्म ज्योतिष सम्मेलन:विशेषज्ञों ने वैदिक ज्योतिष, वास्तु और अध्यात्म पर विचार साझा किए