लखनऊ में 'जश्न-ए-गजल' सीजन-5 का आयोजन:शायरी, कथक की महफिल में साहित्य प्रेमियों ने लिया आनंद


राजधानी लखनऊ के विश्वेश्वरैया सभागार में शनिवार की शाम शायरी, गजल और कथक के नाम रही। क्रोसा क्रिएटिव और तकी मीर फाउंडेशन की ओर से आयोजित ”जश्न-ए-गजल सीजन-5′ में साहित्य और संस्कृति प्रेमियों ने देर रात तक अदबी महफिल का आनंद लिया। कार्यक्रम का आयोजन संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश के सहयोग से हुआ, जबकि दैनिक भास्कर समूह मीडिया पार्टनर रहा। कार्यक्रम की शुरुआत ‘अंजुमन : महफ़िल-ए-कथक’ से हुई। नृत्यांजली ग्रुप के कलाकारों ने कथक की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। शास्त्रीय नृत्य की सुंदर अभिव्यक्ति पर पूरा सभागार देर तक तालियों से गूंजता रहा। कलाम से महफिल को यादगार बनाया इसके बाद मुशायरे और कवि सम्मेलन का दौर शुरू हुआ। बरेली के शारिक कैफ़ी, दिल्ली के कुंवर रंजीत सिंह चौहान, अजहर इकबा्ल, नवीन जोशी ‘नवा’, सुजीत सहगल ‘हासिल’, इब्राहिम अली ‘जीशान अश्विनी मित्तल ‘ऐश’, चराग शर्मा, डॉ. भावना श्रीवास्तव और अभिश्रेष्ठ तिवारी ने अपने कलाम से महफिल को यादगार बना दिया। युवा शायर शाहबाज तालिब ने शानदार अंदाज़ में मुशायरे का संचालन किया, जबकि प्रारंभिक सत्र का संचालन डॉ. सुधा मिश्रा ने किया। बात बनाकर अच्छी लगती हो.’ पर खूब तालियां बजीं महफिल में अज़हर इक़बाल के अशआर ‘एक मुद्दत से हैं सफ़र में हम, घर में रहकर भी जैसे बेघर से…’ और ‘बात बनाओ – बात बनाकर अच्छी लगती हो..’ पर खूब तालियां बजीं। शारिक कैफ़ी, कुंवर रंजीत सिंह चौहान, नवीन जोशी ‘नवा’, सुजीत सहगल ‘हासिल’, डॉ. भावना श्रीवास्तव, शाहबाज़ तालिब, चराग शर्मा, अभिश्रेष्ठ तिवारी, इब्राहिम अली ‘ज़ीशान’ और अश्विनी मित्तल ‘ऐश’ के शेरों ने भी श्रोताओं को देर तक बांधे रखा। हर अशआर पर ‘वाह-वाह’ और तालियों की गूंज पूरे सभागार में सुनाई देती रही। कार्यक्रम के दौरान इरशाद शेख और रोहित राय ने ‘जश्न-ए-ग़ज़ल दुबई’ का पोस्टर लॉन्च किया। उन्होंने घोषणा की कि अगला आयोजन दुबई में होगा। इसका उद्देश्य भारतीय ग़ज़ल, शायरी और साहित्य को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना और भारतीय अदब की पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत करना है। ये मौजूद रहे इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय, प्रो. अजय तनेजा, ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति, डॉ. राकेश अहिस्वार, डॉ. मालविका हरिओम, रोहित कुमार राय, मोहम्मद इरशाद शेख, शशांक सक्सेना, डॉ. अजय राठौर, शिवेंद्र प्रताप सिंह, राजन पांडेय, कुंवर राजा, चंद्रकांत दुबे, हिमांशु शर्मा सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, कलाकार और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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