लखनऊ में 'कर्मण्येवाधिकारस्ते…' नाटक का मंचन शुरू:भारतेन्दु नाट्य अकादमी में बाल कलाकारों ने किया श्रीकृष्ण लीला का मंचन


लखनऊ के गोमतीनगर स्थित भारतेन्दु नाट्य अकादमी (बीएनए) परिसर में तीन दिवसीय नाटक ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते… मुरली से मातृभूमि तक’ का मंचन शुरू हो गया है। यह प्रस्तुति संस्कृति विभाग और भारतेन्दु नाट्य अकादमी की ग्रीष्मकालीन बाल रंगमंच कार्यशाला ‘रंग पाठशाला’ के समापन अवसर पर आयोजित की जा रही है। बीएनए परिसर के संत गाडगे जी महाराज प्रेक्षागृह में आयोजित इस नाट्य प्रस्तुति का लेखन एवं निर्देशन वरिष्ठ रंगकर्मी वॉल्टर पीटर ने किया है। कार्यशाला से जुड़े बाल कलाकार इसमें अपनी अभिनय प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहे हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर महाभारत युद्ध तक प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया नाटक में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर महाभारत युद्ध तक की प्रमुख घटनाओं को संक्षिप्त और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। यह प्रस्तुति केवल धार्मिक आख्यान तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रीकृष्ण के कर्म, धर्म और कर्तव्य के संदेश को आधुनिक संदर्भों से जोड़ने का भी प्रयास करती है। कार्यशाला में शामिल बच्चों ने खेल-खेल में संवाद-अदायगी, अभिनय और मंच अनुशासन की बारीकियों को सीखा है। ‘थिएटर इन एजुकेशन’ पद्धति के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम वर्क की भावना विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। बच्चों को रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच निर्देशक वॉल्टर पीटर के अनुसार, रंगमंच केवल अभिनय का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की एक प्रभावी प्रक्रिया भी है। उन्होंने बच्चों के समर्पण और उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि सीमित समय में बच्चों ने उल्लेखनीय तैयारी की है। भारतेन्दु नाट्य अकादमी के निदेशक विपिन कुमार ने कार्यशाला की सफलता के लिए वॉल्टर पीटर और उनकी टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों को रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच प्रदान करना समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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