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राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित शिव भोला मंदिर में ज्येष्ठ माह के अवसर पर भंडारे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। भंडारा दोपहर 2 बजे शुरू होकर देर रात तक चला, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में श्रद्धालुओं के लिए पूरी, सब्जी, छोले, चावल और बूंदी के प्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई थी। आयोजन समिति के स्वयंसेवकों ने श्रद्धाभाव के साथ सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। इसमें महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित हर वर्ग के लोगों ने भाग लिया। पिछले तीन वर्षों से लगातार इस भंडारे का आयोजन आयोजक राजकुमार सिंह ने बताया कि ज्येष्ठ माह के अवसर पर पिछले तीन वर्षों से लगातार इस भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को धार्मिक आस्था से जोड़ना और सेवा भाव को बढ़ावा देना है। हर वर्ष श्रद्धालुओं का बढ़ता उत्साह आयोजन को और अधिक सफल बना रहा है। सिंह ने बताया कि भंडारे की सभी तैयारियां स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों के सहयोग से पूरी की गईं। सभी ने मिलकर सेवा की और यह सुनिश्चित किया कि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा न हो। भारतीय संस्कृति में अन्नदान सबसे बड़ा दान माना गया इस अवसर पर एडवोकेट विनोद कुमार द्विवेदी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में अन्नदान को सबसे बड़ा दान माना गया है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजन समाज में प्रेम, भाईचारे और सेवा की भावना को मजबूत करते हैं। द्विवेदी ने भविष्य में भी इस तरह के आयोजन लगातार होते रहने की बात कही, ताकि अधिक से अधिक लोग धर्म और सेवा के कार्यों से जुड़ सकें।
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लखनऊ के शिव भोला मंदिर में भंडारे का आयोजन:ज्येष्ठ माह के अवसर पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़