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लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र के भोली गांव स्थित ठाकुरद्वारा मंदिर परिसर में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा तीन दिवसीय सुंदरकांड का आयोजन किया जा रहा है। इन दिनों यहां भक्ति और आस्था का संगम देखने को मिल रहा है, जिससे गांव का माहौल भक्तिमय हो गया है और हर ओर जय श्रीराम के जयकारे गूंज रहे हैं। आशुतोष महाराज द्वारा स्थापित दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैलाता रहा है। इसी क्रम में आयोजित सुंदरकांड के दूसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण करने पहुंचे और भावविभोर हो गए। सुंदरकांड के प्रसंगों का सरल भाषा में सुनाया कार्यक्रम में साध्वी रितु भारती ने सुंदरकांड के प्रसंगों का सरल भाषा में वर्णन किया। उन्होंने हनुमान और विभीषण की पहली मुलाकात का जिक्र करते हुए बताया कि सीता की खोज में लंका पहुंचे हनुमान की भेंट विभीषण के घर में हुई थी। साध्वी ने तुलसीदास के दोहों का उल्लेख करते हुए समझाया कि भगवान की कृपा के बिना संतों का मिलना संभव नहीं है। साध्वी रितु भारती ने आगे कहा कि लंका जैसे तमस भरे वातावरण में भी विभीषण का हृदय भक्ति के लिए व्याकुल रहता था। यह दर्शाता है कि जब आत्मा सच्चे मार्ग की तलाश करती है, तो उसे संत का साथ मिलता है, जो जीवन की दिशा बदल देता है। गुरु ही आत्मा और परमात्मा के मिलन का माध्यम उन्होंने यह भी बताया कि ब्रह्मनिष्ठ गुरु ही आत्मा और परमात्मा के मिलन का माध्यम होते हैं। एक सच्चा गुरु अपने शिष्य को ऐसा ज्ञान प्रदान करता है, जिससे वह अपने भीतर ही ईश्वर का अनुभव कर सकता है। शास्त्रों में इसे ही ब्रह्म ज्ञान कहा गया है। इस अवसर पर साध्वी कात्यानी भारती, साध्वी मंदाकिनी भारती, साध्वी दीपा भारती और साध्वी अर्पण भारती ने भजनों के माध्यम से माहौल को भक्तिमय बना दिया। भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे और पूरा परिसर भक्ति में लीन हो गया। कार्यक्रम के पहले दिन क्षेत्र के कई गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
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लखनऊ के भोली गांव में सुंदरकांड का भव्य आयोजन:दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान ने किया तीन दिवसीय कार्यक्रम