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आगरा में आईएसबीटी के अलावा कहीं और रोडवेज बस खड़े न करने के आदेश हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। पहले प्रभारी मंत्री ने शहर में चौराहों पर बस खड़ी न करने के आदेश दिए थे। मगर, आदेश का पालन नहीं हुआ। अवैध बस स्टैंड बने स्पॉट के चलते गुरुवार को खंदारी चौराहा, अबुल उलाह दरगाह और रामबाग फ्लाईओवर जैसे व्यस्त इलाकों में बसें सड़क किनारे खड़ी रहीं, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रही।
पिछले दिनों प्रभारी मंत्री की बैठक में रोडवेज बसों के कारण लगने वाले जाम का मुद्दा प्रमुखता से उठा था। बैठक के बाद जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) रोडवेज को निर्देश दिए थे कि सभी बसों का संचालन आईएसबीटी से किया जाए। इसके बावजूद आदेशों का असर जमीन पर नजर नहीं आया। प्रभारी मंत्री के आदेश के 4 माह बाद भी हालात जस के तस है। दो दिन पहले रोडवेज के आरएम ने आईएसबीटी के अलावा बसों को कहीं और न रोकने के आदेश दिए थे। मगर, गुरुवार को भी भगवान टॉकीज, वाटर वर्क्स और रामबाग पर दिन भर रोडवेज बसें खड़ी रहीं। सड़कों पर जगह-जगह बसें खड़ी होने से न केवल हाईवे की क्षमता प्रभावित हुई, बल्कि चौराहों पर ट्रैफिक पूरी तरह अव्यवस्थित हो गया। बसों से सवारियां उतारने और चढ़ाने के दौरान ऑटो चालक भी आड़े-तिरछे ऑटो खड़े कर देते हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ जाती है। कई स्थानों पर तो एक लेन पूरी तरह बंद हो गई। जाम के कारण लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन सख्ती से आदेश लागू करे तो काफी हद तक जाम की समस्या से निजात मिल सकती है। वहीं, यातायात पुलिस की मौजूदगी के बावजूद बसों और ऑटो चालकों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखी। लोगों का कहना है कि आदेश केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं। अगर रोडवेज बसों को तयशुदा आईएसबीटी से ही संचालित कराया जाए और चौराहों पर बसों के रुकने पर सख्ती हो, तभी आगरा को जाम से राहत मिल सकती है।
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रोडवेज बसों से शहर में लगता है जाम:चौराहे बन गए हैं अवैध बस स्टैंड, बीच सड़क पर खड़ी रहती हैं बसें