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राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मेरठ में एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। यह सेमिनार हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती पर राष्ट्रीय लोकदल खेल प्रकोष्ठ द्वारा ‘खेल से संगठन और संगठन से शक्ति’ विषय पर केंद्रित था। इसमें मेरठ और आसपास के जिलों से खेल प्रकोष्ठ के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, खिलाड़ी और खेल प्रेमी शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन और संयोजन राष्ट्रीय लोकदल खेल प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष एवं अंतर्राष्ट्रीय शूटिंग खिलाड़ी डॉ. दीपक तोमर ने किया। इस अवसर पर डॉ. दीपक तोमर ने खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये मानसिक विकास, अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को भी बढ़ाते हैं। खेल युवाओं को गलत आदतों से दूर रखकर उन्हें सकारात्मक दिशा देते हैं, जिससे स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र के निर्माण में मदद मिलती है। डॉ. तोमर ने आगे कहा कि खेलों से जुड़े युवाओं में संगठन के साथ काम करने, अनुशासन में रहने और टीम भावना से आगे बढ़ने की आदतें विकसित होती हैं। उन्होंने भारत सरकार से खेल नीति को और विस्तारित करने, खेल बजट बढ़ाने तथा खिलाड़ियों को नई योजनाओं से जोड़ने का आग्रह किया। उनके अनुसार, इससे देश में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं कम होंगी और अस्पतालों पर निर्भरता घटाई जा सकेगी। उन्होंने जोर दिया कि भारत दुनिया के सबसे अधिक युवा आबादी वाले देशों में से एक है। यदि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए शिक्षा, रोजगार और खेलों के क्षेत्र में प्रभावी नीतियां बनाई जाएं, तो देश नई ऊंचाइयों को छू सकता है। डॉ. तोमर ने यह भी उल्लेख किया कि इतिहास में कई महान शासकों और राजा-महाराजाओं ने भी खेलों और शारीरिक दक्षता को विशेष महत्व दिया था।
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राष्ट्रीय खेल दिवस पर मेरठ में सेमिनार:डॉ. दीपक तोमर ने 'खेल से संगठन' विषय पर दिए विचार