राम मंदिर में चोरी करने वाले गजनवी के वंशज:गाजीपुर में अफजाल अंसारी बोले- आस्था लूटी गई तो जनता जवाब मांगेगी, SIT जांच को बताया नाटक


सोमनाथ मंदिर के चढ़ावे को लूटने वाले महमूद गजनवी को आज भी लुटेरा कहते हैं, राम मंदिर के चढ़ावे में गबन करने वाले भी उसी के वंशज हैं। राम मंदिर में श्रद्धालु अपनी आस्था और श्रद्धा के साथ दान चढ़ाते हैं। लोगों की भावना होती है कि उनका अर्पण भगवान के चरणों तक पहुंचे, लेकिन यदि उसी चढ़ावे में गड़बड़ी या चोरी की बात सामने आती है तो यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था पर चोट है। गाजीपुर सपा सांसद अफजाल अंसारी ने अयोध्या राम मंदिर में हुए दान चोरी मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले जब अखिलेश यादव ने चोरी का मामला उठाया था, तो सबको बड़ा मिर्च लगा था। लेकिन अखिलेश यादव ने जो कहा था। वह अक्षरसह सही साबित हुआ है। अयोध्या मंदिर में चोरी ही नहीं भयंकर चोरी हुई है। यह बातें उन्होंने गाजीपुर के कलेक्ट्रेट स्थित राइफल क्लब सभागार में एक कार्यक्रम के दौरान कहीं। उन्होंने कहा, अब धीरे-धीरे भंडा फूटता जा रहा है। सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि हम लोगों ने इतिहास में पढ़ा है और सुना है कि एक लुटेरा था जिसे दुनिया महमूद गजनवी के नाम से जानती है। जो सोमनाथ के मंदिर पर आक्रमण किया था, और वहां से चढ़ावा लूट कर ले गया। सोमनाथ मंदिर के चढ़ावा लूट कर ले जाने वाले को 1200 साल बीतने के बाद भी लुटेरा कहते हैं। देखें 2 तस्वीरें… जो भगवान राम के मंदिर में यह जो चढ़ावा लूटने वाले है। यह अभी तो मोहम्मद गजनवी के वंशज ही लग रहे हैं। काम जिस तरह से इन लोगों ने उसी सोच का किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पहले की अपेक्षा चढ़ावा में कमी आ गया है। पहले की तुलना में चढ़ावा में काफी गिरावट आ गई है। क्योंकि आस्था होती है कि हम अपने आराध्य के चरणों में क्या समर्पित कर दें। लेकिन जब उसे आस्था को धक्का लगता है कि ये चढ़ावा हमारा आस्था में जो चढ़ावा था इसकी लूट हो रही है। जिससे लोगों को इतनी क्षति हो रही है कि उसकी भरपाई नहीं हो सकती है। वहीं उन्होंने चंपत राय का नाम लेते हुए कहा कि चंपत राय के बारे में जो चर्चा है और पूरी टीम और मंडली जो है छिपाने और बढ़ाने की कोशिश कर रही है। लेकिन यह भगवान के दरबार की चोरी है, जिसे भगवान भी माफ नहीं करेंगे इसका बहुत ही भयंकर परिणाम आएगा। इसमें कोई बचेगा नहीं। सांसद अफजाल अंसारी ने एसआईटी जांच को नाटक बताया है वहीं सांसद अफजाल अंसारी के बगल में बैठे पूर्व मंत्री और जमानिया से विधायक ओमप्रकाश सिंह ने कहा, कि बिना एफआईआर क्या एसआईटी जांच होती है। आगे सांसद अफजाल अंसारी कहते हैं कि अगर बिना फिर की जांच कराई जा रही है तो आदि शंकराचार्य महोदय ने सनातन धर्म के लिए चार पीठ की स्थापना करके चार शंकराचार्य बैठाये थे। इस बेईमानी की जांच उन्हीं चारों शंकराचार्य को सौंप दी जाए। एसआईटी जांच पर उठाए सवाल, शंकराचार्यों से जांच की मांग अफजाल अंसारी ने मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि बिना एफआईआर के जांच की जा रही है तो उसकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। उनके साथ मौजूद पूर्व मंत्री और जमानियां विधायक ने भी पूछा कि बिना मुकदमा दर्ज हुए एसआईटी जांच कैसे हो सकती है। सांसद ने सुझाव दिया कि आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चारों पीठों के शंकराचार्यों को इस मामले की जांच सौंपी जानी चाहिए। उनका कहना था कि धर्म के सर्वोच्च पदों पर बैठे शंकराचार्य निष्पक्ष जांच कर सकते हैं और उनकी रिपोर्ट पर देश भरोसा करेगा। रसीद नहीं, हिसाब नहीं; सच सामने आएगा’ अफजाल अंसारी ने दावा किया कि कई श्रद्धालु यह कह रहे हैं कि उन्होंने मंदिर में मणि-जड़ित आभूषण, चरण पादुका और अन्य मूल्यवान वस्तुएं चढ़ाई थीं, लेकिन उन्हें न तो कोई रसीद दी गई और न ही उसका सार्वजनिक हिसाब सामने आया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण का श्रेय लेने वाले लोगों को अब इन आरोपों से पैदा हुई बदनामी का भी सामना करना पड़ेगा। सांसद ने कहा कि यह मामला लीपापोती से दबने वाला नहीं है और यदि जांच निष्पक्ष हुई तो कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यह भगवान के दरबार से जुड़ा मामला है और इसका हिसाब इसी दुनिया में होगा। ———————————- ये खबर भी पढ़िए- महिला रेसलर ने थाने में खुद को आग लगाई:हालत गंभीर, बिजनौर में फौजी पर रेप की FIR कराई थी, पुलिस के एक्शन न लेने से भड़की बिजनौर के कोतवाली शहर थाने में रविवार रात एक महिला रेसलर ने इंस्पेक्टर के चैंबर में पेट्रोल छिड़ककर खुद को आग लगा ली। घटना रात 10:45 बजे की है। आग लगते ही महिला रेसलर जान बचाने के लिए चिल्लाने लगी और इधर-उधर भागने लगी। इस दौरान चैंबर के पर्दों में भी आग लग गई, जिससे थाने में अफरा-तफरी मच गई। पूरी खबर पढ़िए…

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