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मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप चलाए जा रहे ‘मिशन समाधान’ अभियान के तहत जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने गुरुवार को करहल, बरनाहल और कुरावली क्षेत्र के गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वर्षों से लंबित राजस्व और पट्टा भूमि से जुड़े मामलों का मौके पर निस्तारण कराया। जिलाधिकारी ने स्वयं मौजूद रहकर राजस्व अभिलेखों की जांच की। जहां शिकायतें सही पाई गईं, वहां तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जे हटवाए गए और पात्र लोगों को उनकी भूमि पर कब्जा दिलाया गया। करहल विकासखंड के ग्राम रावरी किरथुआ में रनवीर सिंह का मामला सामने आया। उन्होंने बताया कि उन्हें वर्ष 1982 में गाटा संख्या 1855 और 1886 की पट्टा भूमि आवंटित हुई थी, लेकिन 44 वर्षों से कब्जा नहीं मिल सका था। हाल ही में इस भूमि पर धान की रोपाई भी कर दी गई थी। जिलाधिकारी ने मौके पर सीमांकन का सत्यापन कराया और अवैध रूप से बोई गई धान की फसल हटवाई। इसके बाद रनवीर सिंह को उनकी भूमि पर कब्जा दिलाया गया। इसी गांव में सूबेदार को भी 20 वर्ष पहले आवंटित पट्टा भूमि पर पैमाइश कराकर कब्जा दिलवाया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में किसी भी पट्टाधारक के कब्जे में बाधा डालने वालों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की जाए। इसके बाद जिलाधिकारी बरनाहल विकासखंड के ग्राम कनकपुर सादा पहुंचे। यहां सार्वजनिक तालाब और चकमार्ग पर अवैध कब्जे की शिकायत सही पाई गई। जिलाधिकारी के निर्देश पर जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटवाया गया। उन्होंने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को तालाब की खुदाई कराने, वर्षा जल संचयन की व्यवस्था करने तथा चकमार्ग को आवागमन योग्य बनाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि तालाब, चकमार्ग और अन्य सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। कुरावली तहसील के ग्राम मिढ़ावली कलां में सुलेखा की शिकायत पर जिलाधिकारी ने गाटा संख्या 136 का निरीक्षण किया। जांच में पट्टा भूमि पर बनाई जा रही अस्थायी बाउंड्रीवॉल अवैध पाई गई, जिसे तत्काल गिरवा दिया गया। जिलाधिकारी ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच के निर्देश भी दिए। डीएम ने दोनों पक्षों को निर्देशित किया कि आयुक्त न्यायालय में विचाराधीन वाद का अंतिम निर्णय आने तक यथास्थिति बनाए रखें और किसी भी प्रकार का निर्माण या परिवर्तन न करें। जिलाधिकारी ने कहा कि मिशन समाधान केवल शिकायतों के निस्तारण तक सीमित नहीं है, बल्कि पात्र लोगों को उनके अधिकार दिलाने और सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दबंगई, अवैध कब्जा और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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मैनपुरी में मिशन समाधान के तहत DM की सख्ती:तालाब-चकमार्ग से हटवाया अतिक्रमण, अवैध बाउंड्री भी तुड़वाई