डीपसीक के सीईओ बने सबसे अमीर एआई स्टार्टअप फाउंडर:8वीं में कॉलेज मैथ्स सुलझाने वाले लियांग अब 3.47 लाख करोड़ के मालिक हैं


चीन की एआई कंपनी डीपसीक के संस्थापक और सीईओ लियांग वेनफेंग (41) दुनिया के सबसे अमीर एआई स्टार्टअप फाउंडर बन गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, कंपनी के नए फंडिंग राउंड के बाद उनकी नेटवर्थ करीब 3.47 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई है, जो पहले 1.61 लाख करोड़ रुपए थी। इस बढ़ोतरी के साथ वे ओपनएआई के को-फाउंडर ग्रैग ब्रोकमैन और एंथ्रोपिक के फाउंडर व सीईओ डारियो अमोदेई से आगे निकल गए हैं। पढ़िए लियांग के जीवन से जुड़े किस्से… लगन- एआई मॉडल में इतना डूबे कि अधूरे घर में टेंट लगाकर रहने लगे थे लियांग हर मशीन को समझने की जिद लियांग बचपन से जिज्ञासु थे। स्कूल में जो भी कंप्यूटर या इलेक्ट्रॉनिक मशीन हाथ लगती, उसे खोलकर ठीक करने लगते। कई बार पुर्जे निकालने और उसे ठीक करने के चक्कर में घरवालों और शिक्षकों की डांट भी खाई, लेकिन आदत नहीं बदली। यही जिद आगे एआई चिप बनाने में उनके काम आई। स्कूल में बन गए मैथ जीनियस वे आठवीं में ही कॉलेज स्तर का गणित पढ़ने लगे। एक बार शिक्षक ने कॉलेज लेवल का सवाल देकर परखा, लेकिन लियांग ने कुछ मिनटों में उसका हल निकाल दिया। इसके बाद उन्हें स्कूल में ‘मैथ जीनियस’ कहा जाने लगा। इसमें माता-पिता का काफी रोल है। पेशे से शिक्षक लियांग के माता-पिता ने कभी बेटे के रिजल्ट या रैंक पर ज्यादा जोर नहीं दिया। वे बस यही पूछते ‘आज क्या नया सीखा?’ या ‘कौन-सी नई समस्या हल की?’ वे जवाब याद करने से ज्यादा सवालों के हल खोजते थे। चिप्स पर लगाया दांव 2019 में जब कंपनियां एआई को गंभीरता से नहीं ले रही थीं, तब लियांग ने एआई मॉडल बनाने के लिए 10 हजार चिप खरीदी। लोगों ने इसे मूर्ख व फिजूलखर्ची बताया। लियांग ने कहा, ‘एआई के दौर में चिप्स नहीं मिलेंगी।’ बाद में लोगों को यह बात समझ आई। एआई मॉडल में इतना डूबे कि अधूरे घर में टेंट लगाकर रहते थे इंजीनियरिंग में मास्टर्स लियांग काम को लेकर इतने जुनूनी थे कि नया घर खरीदने के बाद भी उसे पूरा नहीं कराया। उनका पूरा ध्यान कोड और एआई मॉडल बनाने पर था। रहने के लिए उन्होंने अधूरे मकान के अंदर ही एक टेंट लगा लिया और वहीं रातें बिताने लगे। कुछ साल बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई। 2025 में डीपसीक की सफलता के बाद चीनी नववर्ष पर उनके गांव मिलिलिंग में स्वागत के पोस्टर लग गए। तब लियांग नहीं मिले तो लोग उनके दादा के साथ ही फोटो खिंचवाकर लौट जाते।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *