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मैनपुरी में गुरुवार सुबह करीब 10 बजे झमाझम बारिश शुरू हुई, जो डेढ़ घंटे तक जारी रही। इस वर्षा से उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली और किसानों के चेहरे खिल उठे। हालांकि, शहर और कस्बों में जलभराव, बिजली आपूर्ति बाधित होने और सड़कों पर पानी भरने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई प्रमुख मार्गों पर करीब एक फीट तक पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित रहा। पिछले कई दिनों से जिले में बारिश न होने के कारण धान, मक्का, बाजरा और दलहनी फसलों की सिंचाई को लेकर किसान चिंतित थे। गुरुवार की बारिश को किसानों ने राहत की बारिश बताया। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह वर्षा खरीफ फसलों के लिए लाभदायक है और खेतों में नमी बढ़ाएगी। हालांकि, जिन क्षेत्रों में अधिक जलभराव हुआ है, वहां किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने पर भी ध्यान देना होगा। बारिश के दौरान जिले के कई इलाकों में करीब तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। कई स्थानों पर फाल्ट आने के कारण लोगों को बिजली का इंतजार करना पड़ा। बारिश थमने के बाद बिजली विभाग की टीमें आपूर्ति बहाल करने में जुट गईं। कुरावली नगर में बारिश के बाद जलनिकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। नगर पंचायत के वार्ड नंबर-10 में नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। इसके अलावा, कुरावली हाईवे बाईपास से सिरसा, फतेहजंगपुर और रुस्तमपुर इनर बाईपास मार्ग पर भी जलभराव हो गया, जिससे दो दर्जन से अधिक गांवों और गैर जनपद को जोड़ने वाला मार्ग प्रभावित रहा। बेवर क्षेत्र में भी बारिश के बाद मुख्य मार्गों पर पानी भर गया। नवीगंज में जासमई मार्ग पर करीब एक घंटे की बारिश के बाद सड़कें जलमग्न हो गईं। जगह-जगह गड्ढों में पानी भरने से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को सावधानी के साथ निकलना पड़ा।
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मैनपुरी में डेढ़ घंटे की बारिश से मिली राहत:किसानों के खिले चेहरे, शहर में जलभराव और बिजली संकट